तेल और LPG सिलेंडर के बजाए इन दिनों देश में चीनी की बढ़ती कीमत सबसे ज्यादा चर्चा में है. त्योहारों से पहले चीनी के दाम में 40% की बढ़ोतरी के बाद विपक्षी दलों के हमले तेज हो गए हैं. सरकार पर आरोप लगने लगा कि इथेनॉल (E20) की वजह से देश में चीनी के दाम बढ़ने लगे हैं. गन्ने का इस्तेमाल चीनी के बजाए इथेनॉल में किए जाने की वजह से कीमतें लगातार बढ़ रही है. अब सरकार की इस पर सफाई आई है.
क्यों बढ़े चीनी के दाम, कृषि मंत्री ने बताई वजह
केंद्रीय कृषि मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस साल चीनी की कीमतों में आई इस तेजी की वजह का खुलासा किया. उनके मुताबिक गन्ने की पैदावार कम होने की वजह से देश में चीनी के दाम बढ़े हैं. रेड रॉट नाम की बीमारी और अल-नीनो इफेक्ट की वजह से सिर्फ भारत ही नहीं दुनियाभर में गन्ने के फसल का उत्पादन घटा है.
रेड रॉट बीमारी और अलनीनो का असर
प्रह्लाद जोशी के मुताबिक अलनीनो की वजह से सिर्फ भारत ही नहीं दुनियाभर में कृषि उत्पादन पर असर पड़ा है. गन्ने का उत्पादन कम होने के साथ-साथ रेड रॉट बीमारी ने फसलों को खराब किया है. भारत को 330 से 340 लाख टन गन्ने के उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन कम बारिश और गन्ने में होने वाली बीमारी की वजह से उत्पादन कम हुआ और चीनी के दाम बढ़े हैं.
आयात से कमी को पूरा करने की कोशिश
भारत ने 10 लाख मीट्रिक टन ड्यूटी फ्री कच्चे-चीनी के आयात का फैसला किया है. आयात की मदद से त्योहार से पहले चीनी की कमी को पूरी करने की कोशिश की जा रही है. वहीं निर्यात को भी रोक दिया गया है. सरकार की ओर से डीलरों के लिए स्टॉक की लिमिट तय कर दी गई है. डीलर अब सिर्फ 15 दिन का ही स्टॉक जमा कर रख सकेंगे. सरकार कदम तो उठा रही हैं, लेकिन चीनी के दाम 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं.
भारत के पास कितना शुगर सरप्लस
केंद्रीय कृषि मंत्री के मुताबिक भारत में फिलहाल चीनी का सरप्लस है. भारत की सालाना चीनी की खपत 280 लाख टन के करीब है. फिलहाल देश के पास 20 से 25 लाख टन का सरप्लस स्टॉक मौजूद है. इसके बावजूद त्योहारों के दौरान मांग में होने वाले इजाफे को देखते हुए सरकार ने एहतियातन तौर पर रॉ-शुगर के इंपोर्ट का फैसला किया है.
क्या दिवाली से पहले गिरेंगे चीनी के दाम ?
भारत ब्राजील से चीनी का आयात करने की तैयारी कर रहा है. राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना महासंघ के चीफ प्रकाश नाइकनवारे ने न्यूज एजेंसी पीटीआई कि चीनी की कुछ खेप ब्राजील से मंगवाई जा रही है. ब्राजील से कितनी चीनी आयात की जा रही है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. ब्राजील से भारत तक चीनी पहुंचने में आमतौर पर 40-45 दिन लगते हैं. वहीं रॉ-शुगर के प्रोसेसिंग में भी वक्त लगता है. ऐसे में दिवाली में चीनी के दाम गिरने की संभावना बेहद कम है.
इथेनॉल वाले दावे पर सरकार की दलील
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने साफ किया है कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का कारण की वजह इथेनॉल नहीं है. इथेनॉल के लिए चीनी का डायवर्जन 2022-23 के 12% से घटकर 2025-26 में सिर्फ 9% रह गया है. ऐसे में चीनी की कमी को इथेनॉल से जोड़ना गलत है.
Bureau Report
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