महाराष्ट्र के नागपुर से एक बड़ी घटना सामने आई है. यहां पर एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस लीक हो गई, जिसकी जद में आने से 40 से अधिक लोगों अस्पताल में भर्ती कराया गया. बताया जा रहा है कि अन्य कुछ लोगों को भी अस्पताल की ओर ले जाया जा रहा है. अस्पताल में भर्ती कुछ लोगों को छुट्टी देने की बात भी सामने आई है. हालांकि, अधिकारियों की ओर से इस मामले पर विस्तृत जानकारी का इंतजार है.
दरअसल, नागपुर के गोधनी इलाके में एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में देर रात क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हो गया. इससे 40 से अधिक स्थानीय लोग बीमार पड़ गए, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना रात के करीब 1 बजे की बताई जा रही है. इस घटना के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई.
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, महाराष्ट्र के जीवन प्राधिकरण के गोधनी नगर परिषद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में रात के करीब 1 बजे ये घटना हुई. यहां पर करीब 900 किलोग्राम वाले सिलेंडर से अचानाक गैसा का रिसाव शुरू हो गया. ये गैस तेजी से आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल गई, जिससे 40 से अधिक लोग बीमार पड़ गए. अधिकांश लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी.
स्थानीय पुलिसकर्मियों की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई, जिसके बाद लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई. इस घटना में प्रभावित लोगों को तुरंत जिंगाबाई टाकली स्थित स्पर्श अस्पताल और मायो अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.
सुबह खत्म हुआ राहत एवं बचाव कार्य
प्लांट से रिसाव की तीव्रता कम होने के बाद संयुक्त बचाव अभियान सुबह के करीब साढ़े पांच बजे समाप्त हो सका. बताया जा रहा है कि प्रभावितों में कई नाबालिग भी शामिल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मानकपुर पुलिस स्टेशन के सीनियर पीआई की ओर से बताया कि घटना के संबंध में एक एंट्री स्टेशन में की गई है. हालांकि, किसी की ओर से मामला दर्ज नहीं किया गया है. आगे की विस्तृत जांच की जा रही है.
कंपनी ने दी सफाई
ऑरेंज सिटी वॉटर वर्क्स (OCW), NDRF और नागपुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (NMC) की ओर से चलाए जा रहे संयुक्त बचाव अभियान के बाद OCW का बयान सामने आया है. OCW के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रभावित सुविधा गोधनी ग्राम पंचायत की ओर से संचालित होने वाला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट है. इमरजेंसी की स्थिति में OCW की टीम ने केवल लीक को रोकने में मदद की.
कैसे रोकी कई लीकज?
लीकेज की तीव्रता कम होने के बाद सुबह करीब साढ़े पांच बजे संयुक्त बचाव अभियान समाप्त हुआ. 900 KG वाले क्लोरीन सिलेंडर को पुलिसकर्मियों, OCW और एनडीआरएफ के कर्मियों ने सफलतापूर्वक हटाया और जहरीली गैस को सुरक्षित रूप से बेअसर करने के लिए उसको कास्टिक सोडा के सॉन्यूशन वाले पानी टैंक में डुबो दिया.
Bureau Report
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