31 अगस्त को सरकार ने भारत की अर्थव्यवस्था के सरकारी आंकड़े जारी किए. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश की विकास दर की रफ्तार 7.8% बताई गई. उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ के आंकड़े आए, लेकिन उसके बाद GDP की कैलकुलेशन और आंकड़ों को लेकर बहस शुरू हो गई. इन आंकड़ों की वास्तविकता पर सवाल उठाए जाने लगे, लेकिन अब IMF ने भारत के ग्रोथ रेट को लेकर बड़ी बात कही है. IMF ने भारत के जीडीपी ग्रोथ रेट के आंकड़ों पर मुहर लगा दी है.
देश की GDP पर IMF ने क्या कहा ?
IMF की प्रवक्ता जूली कोजाक ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और कच्चे तेल की कीमतों के बीच भी भारत के मजबूती दिखाई है. कच्चे तेल की तेजी भी भारत के ग्रोथ की रफ्तार को रोक नहीं पाई है. उन्होंने माना कि भारत अब भी दुनिया की ग्रोथ का प्रमुख इंजन बना हुआ है. इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन(IIP) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) आगे भी भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को और बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.
महंगे तेल के बीच भी दौड़ी भारत की इकोनॉमी
जूली कोजाक ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ी कीमत, विदेशी करेंसी में पेमेंट का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, लेकिन भारत से जिस तरह से इसे संभाला वो बेहतरीन रहा. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के इस शानदार प्रदर्शन पर उसकी खुलकर तारीफ की है. उन्होंने ये भी कहा कि जहां दुनिया की अधिकांश अर्थव्यवस्था मंदी का खतरा झेल रही है, भारत ना केवल मजबूती से टिका है, बल्कि तेजी से आगे बढ़ रहा है. महंगे तेल का सीधा असर देश में बढ़ती महंगाई, कारोबार के बढ़ते लागत पर पड़ता है. भारत ने इसे मजबूती से संभाला है.
भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी के पीछे कौन ?
जूली कोजाक के मुताबिक भारत के जीडीपी ग्रोथ के पीछे कई बड़े फैक्टर्स काम कर रहे हैं. उन्होंने माना कि भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है.
- सर्विस सेक्टर की तेजी
- भारत का बढ़ता निर्यात
- मजबूत घरेलू बाजार
- भारतीय उत्पाद की बढ़ती ग्लोबल मांग
Bureau Report
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