‘क्या न्याय मांगना अपराध है?’: अंकिता भंडारी के माता-पिता की हिरासत पर भड़के खरगे, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

'क्या न्याय मांगना अपराध है?': अंकिता भंडारी के माता-पिता की हिरासत पर भड़के खरगे, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अंकिता भंडारी के माता-पिता की हिरासत को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। खरगे ने इस कार्रवाई को ‘मोदी सरकार की कायरता और असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा’ करार दिया है। अपने एक्स हैंडल पोस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि न्याय की गुहार लगा रहे माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया, जबकि भाजपा के एक ‘वीआईपी’ को राज्यपाल पद से सम्मानित किया गया। सत्ता का यह दमन सरकार की ताकत नहीं, बल्कि सवालों से भागने का प्रमाण है। एक बेटी को खो चुके माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने आगे कहा , ‘बेटी को खो चुके माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। कांग्रेस पार्टी बेटी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।’ बता दें कि अंकिता भंडारी के माता-पिता को गुरुवार तड़के इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। उसके बाद तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया। इसी बीच, कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा, ज्योतिमणि और इमरान प्रतापगढ़ी ने हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस स्टेशन के अंदर विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनाते और काजी निजामुद्दीन ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर भी सवाल उठाया। इससे पहले, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक स्वतंत्रता में गिरावट को दर्शाती है। यह क्रूरता है। इंडिया गेट पर लोकतंत्र का अंत होते देखा जा सकता है। यह सुबह चार बजे समाप्त हो रहा है।

Bureau Report

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