होर्मुज पर महासंग्राम के बीच भारत में आज से कमर्शियल LPG का 50% कोटा, 14.2Kg वाले सिलेंडर में 10 Kg गैस सप्लाई की तैयारी! संकट के बीच बदले नियम

होर्मुज पर महासंग्राम के बीच भारत में आज से कमर्शियल LPG का 50% कोटा, 14.2Kg वाले सिलेंडर में 10 Kg गैस सप्लाई की तैयारी! संकट के बीच बदले नियम

ईरान युद्ध के बाद भारत में गैस संकट गहराता जा रहा है. भारत सरकार को इस संकट की वजह से गैस सिलेंडर से जुड़े नियमों में कई बदलाव करने पड़े हैं. सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई. गैस संकट से निपटने के लिए ECA एक्ट लागू कर दिया गया. घरेलू सिलेंडरों तक आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार ने कमर्शियल सिलेंडरों के कोटे में कटौती कर दी. सिलेंडर रिफिंग की समयसीमा को 21 दिन से बढ़ाकर 25 (शहरों), 45 (ग्रामीण)  दिन कर दिया. अब सरकार ने LPG से जुड़े एक और नियमों में बदलाव करने जा रही है. सरकार ने 23 मार्च, सोमवार से राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी का कोटा 30% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है. इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों को भी 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर रिफिल कराने को मिलेगा.  

23 मार्च से LPG सिलेंडर का नया नियम 

सरकार ने 23 मार्च से देशभर में कमर्शियल LPG का अतिरिक्त 20 फीसदी आवंटन कर दिया है. जिसके बाद कमर्शियल सिलेंडरों की कुल सप्लाई प्री-क्राइसिस स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है. इसका फायदा रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर को मिलेगा.  पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सिलेंडर के अतिरिक्त आवंटन की जानकारी दी गई है. आज से प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर के रिफिलिंग की सुविधा दी गई है. इसका लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को तेल कंपनियों के साथ रजिस्ट्रेशन करवाना होगा.  

कमर्शियल सिलेंडर के लिए 50% कोटा  

 23 मार्च से अगले आदेश तक के लिए सभी राज्यों को कमर्शियल LPG का कोटा 30% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है. जिसका फायदा होटल इंडस्‍ट्री, रेस्टोरेंट, ढाबे, औद्योगिक कैंटीन, सब्सिडी वाली कैंटीन, डेयरी यूनिट्स, कम्युनिटी किचन आदि को मिलेगा.गैस संकट के बीच होटलों, रेस्टोरेंटों को अपने कारोबार को दोबारा से ट्रैक पर लाने में मदद मिलेगी.  

14.2 किलो वाले सिलेंडर में 10 किलो LPG गैस

युद्ध के बीच गैस संकट की स्थिति में सप्लाई को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है. घरेलू इस्तेमाल वाले सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए सरकारी तेल कंपनियां नई प्लानिंग कर रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेल कंपनियां घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो वाले सिलेंडरों में सिर्फ 10 किलो LPG भरकर सप्लाई की योजना बना रही है. ऐसा करने के पीछे तेल कंपनियों का मकसद मुश्किल वक्त में सीमित स्टॉक के बीच ज्यादा से ज्यादा घरों तक सिलेंडरों की आपूर्ति को बनाए रखना है.  गैस संकट के इस दौर में अगर युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ तो स्थिति और बेकाबू हो सकती है. ऐसे में भारत में ज्यादा से ज्यादा घरों के किचन तक सिलेंडर की पहुंच बनी रहे, इसके लिए सरकारी तेल कंपनियां इस योजना पर काम कर रही है.   

14.2 किलो वाले सिलेंडर में 10 किलो LPG, फिर कैसे तय होगा रेट ?  

 घरेलू इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों में 14.2 किलो LPG भरी जाती है. तेल कंपनियां इसमें कटौती कर 10 किलो करने पर विचार कर रही है. अगर इसपर सहमति बन गई तो आपको सिलेंडर में कम एलपीजी मिलेगा. आमतौर पर 14.2 किलो का सिलेंडर एक परिवार के लिए 35-40 दिन चलता है. इस आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि 10 किलो गैस वाला सिलेंडर एक महीने चल सकता है. गैस संकट के बीच ये काफी मददगार साबित हो सकता है. सरकार को बफर स्टॉक बनाने के लिए समय मिल जाएगा. सरकार गैस आयात के विकल्पों की तलाश कर सकेगी.    

कैसे काम करेगा ये स्कीम  

अगर इस प्लानिंग को मंजूरी मिल जाती है तो उन सिलेंडरों पर नया स्टिकर लगाया जाएगा. स्टिकर पर साफ-साफ लिखा होगा कि उस सिलेंडर में 14.2 किलो के बजाए सिर्फ 10 किलो LPG गैस हैं. उस सिलेंडर की कीमत भी कम होगी. प्रति किलो गैस के हिसाब से सिलेंडर के रेट्स तय होंगे.  हालांकि ये इतना आसान भी नहीं है. मंजूरी मिलने के बाद बॉटलिंग प्लांट्स को वजन मापने वाले सिस्टम में बदलाव करना होगा . नियामकों की मंजूरी के बाद इस योजना को लागू किया जाएगा.  

अमेरिका से LPG गैस लेकर पहुंचा जहाज  

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के चलते दर्जनों जहाज फंसे हुए हैं. बीते हफ्ते गल्फ देश से 92,700 मीट्रिक टन LPG गैस लेकर शिवालिक और नंदा देवी जहाज भारत पहुंचे. वहीं रविवार को अमेरिका से गैस की खेप लेकर एक जहाज पहुंचा है, बाकी दो जहाज आने वाले एक-दो दिन में पहुंचना वाला है. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश गैस आयात करता है. कतर भारत के गैस का सबसे बड़ा आयातक देश है. युद्ध की वजह से भारत का यह आयात मुश्किल में फंस गया है.  

भारत को कितने LPG की जरूरत ?  

भारत को रोजाना 93,500 टन एलपीजी की जरूरत होती है, जिसमें से 86 फीसदी या  80,400 टन LPG गैस सिर्फ घरेलू इस्तेमाल में आता है. मार्च के पहले दो हफ्ते में इस खपत में 17% की गिरावट आई है. भारत अपनी LPG जरूरत का करीब 60% इंपोर्ट करता है, जिसमें 90% सप्लाई खाड़ी देशों से आती है.  

कब खत्म होगा गैस संकट 

भारत में गैस संकट की मुश्किल इतनी जल्दी खत्म होती नहीं दिख रही है. भारत अपने खपत के लिए इंपोर्ट पर निर्भर है. जिस तरह से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहे हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दोनों देशों में सहमति बनती नहीं दिख रही है. ऐसे में यह रास्ता इतनी जल्दी खुलता नहीं दिख रहा है.  यानी आने वाले हफ्तों में स्थिति और खराब हो सकती है. होर्मुज में फंसे 22 जहाजों में से 6 भारतीय जहाजों में LPG फंसे हुए हैं.   

भारत में  LPG सिलेंडर में क्या-क्या बदला है ?   

1. सरकार ने LPG सिलेंडर पर ECA एक्ट  लागू कर दिया.  
2. जिनके पास पीएनजी कनेक्‍शन है उसे एलपीजी गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा.
3.  सरकार ने रिफिलिंग की समयसीमा को 21 दिन से बढ़ाकर शहरों के लिए 25 और गांवों के लिए 45 दिन कर दिया है. 
4. बिना OTP के सिलेंडरों की डिलीवरी नहीं की जाएगी. 

#LPG

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