10 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी ने बिहार बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है. इस बैठक में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नामों पर विचार किया जाने वाला है. फिलहाल डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं. हालांकि आलाकमान कुछ और नामों पर भी विचार करने वाला है और उनके नाम भी हमारे पास आ गए हैं. जिन नामों पर भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री पद के लिए विचार करने वाली है, उनमें सम्राट चौधरी के अलावा डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडे, पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी और दिलीप जायसवाल शामिल हैं.
दिल्ली में होने वाली कोर ग्रुप की बैठक के लिए जिन भाजपा नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है, उनमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार जायसवाल, बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल शामिल हैं.
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की दावेदारी स्वाभाविक है. पिछले कुछ समय से वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हर वक्त साये की तरह रहते हैं. पहले से ज्यादा गंभीर हो गए हैं और बोलते वक्त शब्दों का प्रयोग चुन चुनकर करने लगे हैं. वे इस बात को लेकर सचेत भी हो गए हैं कि कही कोई ऐसा शब्द न निकल जाए तो भविष्य में बड़े ओहदे की राह में रोड़ बन जाए.
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा मुख्यमंत्री पद के लिए दूसरे नंबर के दावेदार हैं. उनकी दावेदारी के पीछे उनकी कार्यनिष्ठा बताई जाती है. भूमि एवं राजस्व विभाग के मंत्री होने के नाते उन्होंने जिस तरह से काम किया है, उसकी सराहना पीएम मोदी भी कर चुके हैं. विधानसभा चुनाव में विजय कुमार सिन्हा को भी बड़ा आदमी बनाने की बात कही गई थी.
बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ब्राह्मण फैक्टर के चलते दावेदारों की लिस्ट में हैं. यूजीसी गाइडलाइंस मामले को लेकर अगड़ी जाति के लोग भाजपा से थोड़े रुष्ट चल रहे हैं. संभव है कि मंगल पांडे को मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा उन्हें खुश करने की कोशिश करे. हालांकि ऐसा करने के जोखिम भी कम नहीं हैं.
बिहार की पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी भी दावेदारों की लिस्ट में शामिल हैं. बीजेपी बिहार के लिए मुख्यमंत्री का चुनाव ऐसे समय में कर रही है, जब संसद का विशेष सत्र नारी सशक्तिकरण के लिए बुलाया जा रहा है और उसमें महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन किया जाना है. ऐसे में अगर बीजेपी बिहार में महिला कार्ड खेलती है तो कोई आश्चर्य नहीं किया जाना चाहिए. महिला कार्ड की बात आई तो रेणु देवी पहली पसंद बन सकती हैं.
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की दावेदारी भी किसी से कम नहीं है. वे विधानसभा चुनाव में अपनी संगठनात्मक क्षमता और जेडीयू के अलावा एनडीए के बाकी साथी दलों से सामंजस्य बिठाकर खुद को साबित कर चुके हैं. यह दिलीप जायसवाल की पहल थी कि ब्लॉक स्तर तक एनडीए नेताओं की एक साथ बैठक होती थी. विधानसभा चुनाव में उसका रिजल्ट भी सभी ने देखा.
Bureau Report
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