‘बड़े मुद्दों पर बोलना था, समोसे पर नहीं’ राघव चड्ढा पर सौरभ भारद्वाज का पलटवार

'बड़े मुद्दों पर बोलना था, समोसे पर नहीं' राघव चड्ढा पर सौरभ भारद्वाज का पलटवार

AAP में अंदरूनी कलह खुलकर सामने, चड्ढा के बयान से सियासी हलचलआम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के उस वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पार्टी द्वारा खुद को ‘खामोश’ किए जाने का आरोप लगाया था. AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को इसका जवाब देते हुए कहा कि सरकार को किसी के ‘सॉफ्ट पीआर’ से कोई फर्क नहीं पड़ता.

सौरभ भारद्वाज ने कसा राघव चड्ढा पर तंज
सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि एक छोटी पार्टी के पास संसद में बोलने के लिए सीमित समय होता है. ऐसे में समोसे जैसी हल्की बातों पर चर्चा करने के बजाय देश के बड़े और अहम मुद्दों पर बात करना कहीं ज्यादा जरूरी है. भारद्वाज ने चुनाव आयोग और सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हर राज्य में चुनाव से ठीक पहले असली वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं और फर्जी वोटर जोड़े जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए सरकार पूरी तरह से भ्रष्ट हथकंडे अपना रही है. बंगाल में जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त पर महाभियोग लाने का प्रस्ताव लाया था, तब आपने (राघव चड्ढा ने) उस पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया था.

क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, गुरुवार को राघव चड्ढा को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था. इसके बाद चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि वह सिर्फ आम आदमी की आवाज उठाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें बोलने से रोका जा रहा है. हालांकि, AAP के आंतरिक सूत्रों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चड्ढा को संसद में बोलने से कभी नहीं रोका गया. वहीं, उनकी जगह उपनेता बनाए गए अशोक मित्तल ने इस बदलाव को पार्टी की एक “सामान्य प्रक्रिया” बताया है.

‘बिना सवाल किए कैसे करेंगे राजनीति?’
सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा के राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पूरा विपक्ष सरकार के विरोध में सदन से ‘वॉकआउट’ करता है, तो चड्ढा ऐसा करने से मना कर देते हैं. उन्होंने पूछा कि आपने लंबे समय से प्रधानमंत्री या भारतीय जनता पार्टी की सरकार से तीखे सवाल पूछने वाले मुद्दे नहीं उठाए हैं. अगर आप डरे हुए हैं, तो राजनीति में अपना वजूद कैसे बचा पाएंगे?. भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर यह भी आरोप लगाया कि वह उस पंजाब राज्य के मुद्दे भी संसद में नहीं उठा पाए, जिसका वह प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘फर्जी आरोपों’ के तहत गिरफ्तार किया गया था, तब चड्ढा अपनी आवाज उठाने के बजाय ‘छिप’ गए थे.

भारद्वाज ने अंत में कहा कि मेरा मानना है कि हमें देश के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाना चाहिए और निडर होकर बीजेपी से लड़ना चाहिए. उन्हें (बीजेपी को) आपके इन हल्के-फुल्के मुद्दों से कोई मतलब नहीं है. उलटा वे सोशल मीडिया पर आपका समर्थन कर रहे हैं. आपको इस बारे में सोचना चाहिए.

Bureau Report

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