नईदिल्ली: छात्र आंदोलन के प्रतिनिधित्व का दावा करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को हुई वार्ता समाप्त हो गई। बैठक के बाद CJP प्रवक्ताओं ने कहा कि बातचीत के दौरान आंदोलन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
CJP के अनुसार, केंद्र सरकार ने हालिया घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवज़ा देने तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर सकारात्मक रुख दिखाया है। इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।
हालांकि, CJP ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। संगठन का कहना है कि इस मांग पर निर्णय के लिए सरकार को 24 घंटे का समय दिया गया है और इसके बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
आंदोलन से जुड़े छात्र नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि यह अभियान केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने की मांग भी है।
फिलहाल सभी की निगाहें सरकार की अगली प्रतिक्रिया और आगामी 24 घंटों के घटनाक्रम पर टिकी हैं, जो आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
Bureau Report
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