अगर आप भी केंद्रीय कर्मचारी हैं तो यह खबर आपके लिए है. जी हां, आठवें वेतन आयोग की तरफ से मेमोरेंडम (सुझाव) जमा करने की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है. पहले यह तारीख 30 अप्रैल 2026 थी, इसे अब एक महीने आगे बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया गया है. आयोग से कर्मचारी संगठनों ने मेमोरेंडम की आखिरी तारीख को आगे बढ़ाने के लिए अनुरोध किया था. कई संगठनों की तरफ से ऑनलाइन पोर्टल पर मेमोरेंडम सब्मिट करते समय टेक्निकल ग्लिच की शिकायत की गई थी. आयोग का कहना है कि सभी को अपने सुझाव देने का पूरा मौका मिलना चाहिए. इसलिए आखिरी तारीख को एक महीने आगे बढ़ाया गया है.
कैसे और कहां जमा करें मेमोरेंडम?
आठवें वेतन आयोग की तरफ से साफ कहा गया कि सभी मेमोरेंडम केवल ऑनलाइन पोर्टल के जरिये ही स्वीकार किये जाएंगे. कागजी दस्तावेज, ईमेल या पीडीएफ से भेजे गए मेमोरेंडम किसी भी तरह मान्य नहीं होंगे. मिनिस्ट्री, विभाग, केंद्र शासित प्रदेशों के नामित अधिकारी ‘Ministry / Department / Union Territory (UT)’ कैटेगरी के तहत स्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट में अपरा मेमोरेंडम जमा किया जा सकता है.
कौन-कौन दे सकता है सुझाव?
आयोग की तरफ से बहुत ही व्यापक स्तर पर सुझाव मांगे गए हैं. जिनकी तरफ से सुझाव दिया जा सकता है उनमें-
- केंद्रीय सरकारी कर्मचारी (इंडस्ट्रियल और नॉन-इंडस्ट्रियल)
- रक्षा कर्मी और अखिल भारतीय सेवा से जुड़े अधिकारी
- केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी
- सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के अधिकारी और स्टॉफ
- भारतीय लेखा और लेखा परीक्षा विभाग के कर्मचारी
- पेंशनर्स और पेंशनर एसोसिएशन
- अलग-अलग सेवा संघ, यूनियन और मिनिस्ट्री
कर्मचारियों की प्रमुख मांग
कर्मचारी संगठनों की तरफ से कई बड़ी मांग की जा रही हैं. इनमें चार मांग निम्निलिखित है-
- वेतन में चार गुने का इजाफा
- पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की वापसी
- महंगाई भत्ता और भत्तों में सुधार
- प्रमोशन और कामकाजी स्थितियों में बेहतरी
NC-JCM के साथ अहम बैठक
28 अप्रैल 2026 को आठवें वेतन आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई ने NC-JCM (नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) के प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम मीटिंग की. इस मीटिंग में कर्मचारी पक्ष ने अपने कई मुद्दों को रखा. NC-JCM हर वेतन आयोग में कर्मचारियों की आवाज रहा है.
मेमोरेंडम क्यों जरूरी?
मेमोरेंडम एक ऑफिशिलय डॉक्यूमेंट होता है जिसमें कर्मचारी और उनके संगठन अपने सुझाव, डिमांड और समस्याएं लिखकर देते हैं. इन मेमोरेंडम के बेस पर ही आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करता है. इसलिए यह डॉक्यूमेंट पूरे वेतन आयोग के प्रोसेस की रीढ़ की तरह काम करता है. इस टाइम लिमिट में बढ़ोतरी कर्मचारियों को राहत मिलेगी. वह अपने सुझाव बेहतर तरीके से तैयार करके जमा कर सकेंगे. इसके बाद अब सभी की निगाहें 31 मई के बाद आयोग की तरफ से उठाए जाने वाले कदम पर टिकी होंगी.
Bureau Report
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