Jaipur: राजस्थान के जेके लोन हॉस्पिटल और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल से सामने आए मामले ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सीजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की अचानक तबीयत बिगड़ने, किडनी फेल होने और मौतों की घटनाओं से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य महिलाओं का इलाज ICU और नेफ्रोलॉजी विभाग में जारी है। कुछ मरीजों की किडनी प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।
मृतक महिलाओं में बूंदी जिले के सुवांसा गांव की रहने वाली 22 वर्षीय प्रिय भी शामिल बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक प्रिय की सीजेरियन डिलीवरी शनिवार को हुई थी, लेकिन डिलीवरी के कुछ घंटों बाद देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय पर पर्याप्त इलाज नहीं मिला।
हालांकि अस्पताल अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा का कहना है कि मृतक महिला को पहले से हृदय संबंधी समस्या थी। प्रशासन का दावा है कि पूरे मामले की मेडिकल स्तर पर जांच की जा रही है।
इसी बीच आरती और पिंकी नाम की दो अन्य महिलाओं की किडनी फेल होने की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों महिलाओं को यूरिन रुकने और तबीयत बिगड़ने की शिकायत के बाद सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और ICU में भर्ती कराया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि कुछ मरीज घंटों तक दर्द से तड़पते रहे, लेकिन समय पर विशेषज्ञ इलाज और निगरानी नहीं मिल सकी। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और पोस्ट-ऑपरेशन मॉनिटरिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मामले के तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम गठित कर दी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवारों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यह मामला सिर्फ एक अस्पताल की लापरवाही के आरोप तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही, संसाधनों और मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर बहस खड़ी कर रहा है।
Leave a Reply