चुनावी वादा पूरा! बंगाल में शुरू हुआ ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ अभियान; 24 घंटे में 12 बांग्लादेशियों की आई शामत

चुनावी वादा पूरा! बंगाल में शुरू हुआ 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' अभियान; 24 घंटे में 12 बांग्लादेशियों की आई शामत

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अवैध घुसपैठियों पर नकेल कसने की कार्रवाई बेहद तेज हो गई है. राज्य की नई भाजपा सरकार ने अपने चुनावी वादे को जमीन पर उतारते हुए सूबे में पहले दो ‘होल्डिंग सेंटर’ (डिटेंशन कैंप) शुरू कर दिए हैं. इन सेंटरों के खुलते ही महज 24 घंटे के भीतर 12 बांग्लादेशी घुसपैठियों को दबोचकर इनमें कैद कर दिया गया है. अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ राज्य सरकार की कड़क नीति का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में हड़कंप मच गया है.

‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ अभियान

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने राज्य से अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ (पहचान करो, नाम हटाओ और वापस भेजो) का नारा दिया है. इसी रणनीति के तहत बांग्लादेश डिपोर्ट करने से पहले घुसपैठियों को अस्थायी रूप से रखने के लिए ये होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं. फिलहाल ये सेंटर मालदा जिले के इंग्लिश बाजार और मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला में चालू किए गए हैं. गृह विभाग के कड़े निर्देशों के बाद एक्शन में आई पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही घुसपैठियों को ढूंढ निकाला. इनमें से 9 को मालदा और 3 को मुर्शिदाबाद के लालगोला कैंप में शिफ्ट किया गया है.

जेलों में नहीं, अब सीधे डिटेंशन कैंप भेजे जाएंगे अवैध विदेशी

आमतौर पर अब तक अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आने वाले नागरिकों को गिरफ्तारी के बाद सीधे सामान्य कैदियों के साथ नियमित जेलों में डाल दिया जाता था. लेकिन नई व्यवस्था के तहत गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को सख्त गाइडलाइन जारी की है. नए नियमों के मुताबिक, फॉरेनर्स एक्ट (विदेशी अधिनियम) के तहत पकड़े गए बांग्लादेशी और म्यांमार के अवैध प्रवासियों (रोहिंग्या सहित) को अब आम अपराधियों के साथ जेलों में नहीं रखा जाएगा. उन्हें अदालत में पेश करने के बाद सीधे इन सरकारी होल्डिंग सेंटरों में ट्रांसफर किया जाएगा.

24 घंटे CCTV से पहरा, पुलिस के कड़े इंतजाम

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इन होल्डिंग सेंटरों की सुरक्षा किसी अभेद्य किले जैसी की गई है. सेंटरों पर 24 घंटे CCTV कैमरों से तीसरी आंख की नजर रहेगी. सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ-साथ सिविल डिफेंस कर्मियों और नागरिक स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है. इंग्लिश बाजार के चंदन पार्क में बने सेंटर में फिलहाल 3 महिलाएं और 6 नाबालिगों सहित 9 लोग रखे गए हैं, जिन्हें रविवार को गाजोल के पांडुआ इलाके से लाया गया था. विधायक अमलान भादुड़ी के मुताबिक, इन प्रवासियों के रहने, भोजन और चिकित्सा जैसी बुनियादी जरूरतों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है.

वैध दस्तावेज दिखाने में रहे नाकाम

मुर्शिदाबाद के रानीतला थाना क्षेत्र से सोमवार को तीन संदिग्धों मोहम्मद सलीम, मोहम्मद रुबेल और शरीफुल इस्लाम को हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान ये तीनों भारत में वैध रूप से रहने का कोई भी कानूनी दस्तावेज या पासपोर्ट पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहे. इंग्लिश बाजार के विधायक अमलान भादुड़ी ने स्पष्ट किया कि कानूनी कागजी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय औपचारिकताएं पूरी होते ही इन चिह्नित नागरिकों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले कर दिया जाएगा, जहां से इन्हें वापस बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि पूरे मालदा और सीमावर्ती जिलों में सत्यापन और पहचान का यह कड़ा अभियान लगातार जारी रहेगा.

Bureau Report

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