पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में शनिवार सुबह रिपोलिंग के दौरान एक बार फिर तकनीकी गड़बड़ी ने मतदान की रफ्तार थाम दी. डायमंड हार्बर के एक पोलिंग बूथ पर ईवीएम में खराबी आने से वोटिंग करीब एक घंटे तक ठप रही, जिससे लंबी कतारों में खड़े मतदाताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. सुबह 7 बजे से डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा मतदान शुरू हुआ था. लेकिन जैसे ही वोटिंग प्रक्रिया आगे बढ़ी, एक बूथ पर मशीन ने काम करना बंद कर दिया. इंतजार से परेशान लोगों का धैर्य जवाब देने लगा. एक मतदाता ने नाराज़गी जताते हुए कहा, ‘अगर वोटिंग नहीं हो रही है तो बूथ बंद कर दीजिए, हमें बताइए ताकि हम घर लौट जाएं. हम यहां कब तक खड़े रहेंगे?’
हालांकि, सभी जगह हालात एक जैसे नहीं थे. डायमंड हार्बर के ही एक अन्य बूथ पर वोटिंग सुचारू रूप से चलती रही. वहां वोट डालने आए एक मतदाता ने बताया, ‘पहले भी सब ठीक था और अब भी ठीक है. इस तरह की रिपोलिंग होती रहती है, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.’ वहीं एक अन्य मतदाता ने माना कि पिछली बार मशीन में दिक्कत थी, लेकिन इस बार सब कुछ सही तरीके से चल रहा है. किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए पोलिंग बूथों के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात किए गए हैं, ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके.
क्यों हो रही है पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर रीपोलिंग?
दरअसल, यह रीपोलिंग एक बड़े राजनीतिक विवाद के बाद कराई जा रही है. आरोप है कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान डायमंड हार्बर के फलता इलाके में हालात सामान्य नहीं थे. बीजेपी के पश्चिम बंगाल सह-प्रभारी अमित मालवीय ने दावा किया कि कई बूथों पर उनके समर्थक मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया. इन आरोपों के सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए. मामला तूल पकड़ने लगा तो चुनाव आयोग ने स्थिति का संज्ञान लिया और जांच के बाद कुछ बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला किया. अब इस रिपोलिंग को उसी विवाद के समाधान के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि सभी मतदाताओं को बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का मौका मिल सके.
सबकी नजर 4 मई को आने वाले चुनाव परिणाम पर
डायमंड हार्बर सीट पर बीजेपी ने दीपक कुमार हलदर को मैदान में उतारा है, जिनका मुकाबला टीएमसी के मौजूदा विधायक पन्ना लाल हलदर से है. वहीं मगराहाट पश्चिम में टीएमसी के शमीम अहमद मोल्ला और बीजेपी के गौरसुंदर घोष आमने-सामने हैं. इस सीट पर 2011 से टीएमसी का कब्जा रहा है. अब सबकी नजर 4 मई पर टिकी है, जब वोटों की गिनती होगी और यह साफ हो जाएगा कि जनता ने किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाया है.
Bureau Report
Leave a Reply