जून में आफत वाली गर्मी! IMD ने यूपी-बिहार समेत 11 राज्यों में जारी किया लू का ‘रेड अलर्ट’

जून में आफत वाली गर्मी! IMD ने यूपी-बिहार समेत 11 राज्यों में जारी किया लू का 'रेड अलर्ट'

इस साल गर्मी से झुलस रहे उत्तर और मध्य भारत के लोगों के लिए मौसम विभाग से एक बेहद चिंताजनक खबर आ रही है. शुक्रवार को जारी मॉनसून के दूसरे चरण के पूर्वानुमान के मुताबिक, जून के महीने में न सिर्फ मॉनसून की रफ्तार सुस्त रहेगी, बल्कि देश के कई राज्यों में भीषण लू का कहर सामान्य से कहीं ज्यादा देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि जून से सितंबर के पूरे सीजन में इस बार देश में ‘लॉन्ग पीरियड एवरेज’ की महज 90 फीसदी बारिश होने की उम्मीद है. यानी इस साल देश के बड़े हिस्से को सूखे जैसी स्थिति या कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है.

जून में ‘अल नीनो’ का डबल अटैक

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मॉनसून की इस सुस्ती के पीछे ‘अल नीनो’ का बढ़ता प्रभाव है. जून तक समुद्र में अल नीनो की स्थिति सक्रिय होने की संभावना 82 प्रतिशत है, जो जुलाई-अगस्त आते-आते 90 प्रतिशत के पार पहुंच जाएगी. इसी वजह से जून के महीने में देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 92 प्रतिशत से भी कम रहने का अनुमान है. केवल उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में ही सामान्य बारिश की उम्मीद जताई गई है. इसके साथ ही देश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया जा सकता है.

यूपी-बिहार समेत इन 11 राज्यों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के एक बड़े हिस्से में सामान्य से ज्यादा दिनों तक लू चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है. इस तपिश का सबसे ज्यादा असर जिन राज्यों पर पड़ेगा, उनकी सूची इस प्रकार है:

1. उत्तर और मध्य भारत: उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार और छत्तीसगढ़.

2. पूर्वी और पश्चिमी भारत: ओडिशा और गुजरात.

3. दक्षिण भारत: आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्से.

इन राज्यों में रहने वाले लोगों को जून के महीने में चिलचिलाती धूप और गर्म थपेड़ों से बचने के लिए अभी से तैयारी करने की सलाह दी गई है.

केरल की ओर बढ़ रहा है मॉनसून

इस कड़े पूर्वानुमान के बीच कुछ राहत भरी खबरें भी हैं. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपनी सामान्य तारीख से चार दिन पहले, यानी 16 मई को ही अंडमान-निकोबार द्वीप समूह पहुंच चुका है. फिलहाल यह लक्षद्वीप और दक्षिण अरब सागर की ओर मजबूती से बढ़ रहा है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक हफ्ते के भीतर मॉनसून केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में दस्तक दे देगा.

इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों को तात्कालिक राहत मिलने वाली है. एक नए पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के टकराव के कारण अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी. इस दौरान कई इलाकों में धूलभरी आंधी, तेज हवाएं और ओलावृष्टि होने की भी संभावना है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी.

Bureau Report

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