हरियाणा की बेटी का ISRO में जलवा! जींद की मनीषा बनीं रिसर्च ऑफिसर, NET-JRF में आई 14वीं रैंक

हरियाणा की बेटी का ISRO में जलवा! जींद की मनीषा बनीं रिसर्च ऑफिसर, NET-JRF में आई 14वीं रैंक

हरियाणा के जींद जिले की 24 वर्षीय मनीषा ने अपनी मेहनत और लगन से वो मुकाम हासिल किया है, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं. गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाली मनीषा का चयन देश की सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था ISRO में रिसर्च ऑफिसर के पद पर हुआ है. NET JRF परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 14 हासिल करने के बाद ISRO ने उन्हें ऑफर लेटर जारी किया. साधारण परिवार से निकलकर देश के स्पेस प्रोग्राम तक पहुंची मनीषा आज पूरे हरियाणा की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं.

मनीषा ने कितने घंटे की है पढ़ाई?     
जींद जिले के गंगोली गांव में एक साधारण संयुक्त परिवार में जन्मी मनीषा ने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव के स्कूल से पूरी की. 10वीं और 12वीं के बाद उन्होंने MDU रोहतक से बीएससी की पढ़ाई की. परिवार के अनुसार, मनीषा रोजाना करीब 16 घंटे पढ़ाई करती थीं. पढ़ाई के साथ घरेलू जिम्मेदारियां भी निभाईं, लेकिन कभी अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटीं.

NET JRF में ऑल इंडिया रैंक कितना आया? 
मनीषा ने NET JRF परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 14 हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. इसके बाद उन्हें ISRO से रिसर्च ऑफिसर पद के लिए ऑफर मिला. परिवार का सपना था कि मनीषा प्रोफेसर बने, लेकिन अब बेटी देश के स्पेस मिशन में योगदान देकर हरियाणा का नाम रोशन करेगी.

मनीषा ने क्या कहा? 
मनीषा की इस सफलता के बाद पूरे गांव और जिले में खुशी का माहौल है. सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें बधाइयां दे रहे हैं. गांव की बेटियों के लिए मनीषा एक नई प्रेरणा बनकर उभरी हैं, जिन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत और हौसले के दम पर कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है.“मेरा हमेशा से सपना था कि मैं देश की सेवा करूं. गांव के स्कूल से पढ़ाई शुरू की थी और मेहनत के दम पर यहां तक पहुंची हूं. परिवार ने हर कदम पर मेरा साथ दिया. घरेलू जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई करना चुनौती थी, लेकिन मैंने हार नहीं मानी. अब ISRO में जाकर देश के स्पेस प्रोग्राम में योगदान देना चाहती हूं.

Bureau Report

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