ब्रिटेन की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. महीनों से चल रहे भारी आंतरिक असंतोष और ओपिनियन पोल्स में लगातार गिरती रेटिंग्स के बीच, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है. सोमवार को एक लाइव टेलीविजन संबोधन में स्टार्मर ने देश और अपनी लेबर पार्टी से इस्तीफे देने का आधिकारिक ऐलान किया.
10 डाउनिंग स्ट्रीट से आया यह फैसला ब्रिटिश राजनीतिक गलियारों को पूरी तरह हिला देने वाला है. पिछले कुछ हफ्तों से लेबर पार्टी के भीतर कीर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर तीखी बगावत चल रही थी, लेकिन नॉर्थ वेस्ट इंग्लैंड के मेकरफील्ड उपचुनाव के नतीजों ने कीर स्टार्मर की विदाई की पटकथा पूरी तरह लिख दी.
‘उत्तर के राजा’ एंडी बर्नहैम की उपचुनाव में धमाकेदार जीत
कीर स्टार्मर का अचानक आया इस्तीफा का फैसला उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी और ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम की वेस्टमिंस्टर (संसद) में हुई धमाकेदार वापसी का सीधा नतीजा है. मेकरफील्ड उपचुनाव में ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ के नाम से मशहूर एंडी बर्नहैम ने दक्षिणपंथी रिफॉर्म UK को 55% वोटों के साथ करारी शिकस्त दी.
बर्नहैम की इस एकतरफा और रिकॉर्ड तोड़ जीत ने लेबर पार्टी के सांसदों और नेताओं को यह साफ संदेश दे दिया कि देश की अवाम अब कीर स्टार्मर के सख्त और सावधानी से भरे ‘टेक्नोक्रेट स्टाइल’ को नकार चुकी है और वे बदलाव चाहते हैं. बर्नहैम की जीत के तुरंत बाद लेबर पार्टी के भीतर स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव अपने चरम पर पहुंच गया था, जिसके आगे आखिरकार उन्हें झुकना पड़ा.
अब क्या होगा आगे? शबाना महमूद और एंडी बर्नहैम के बीच रेस हुई तेज
कीर स्टार्मर के इस्तीफे के ऐलान के बाद अब ब्रिटेन में 10 साल के भीतर 6 वें प्रधानमंत्री की ताजपोशी का रास्ता साफ हो गया है. लेबर पार्टी के भीतर अब नए नेता की रेस बेहद रोमांचक और त्रिकोणीय हो चुकी है:
शबाना महमूद: वर्तमान गृह मंत्रालय में सीमा सुरक्षा प्रमुख और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) मूल की शबाना महमूद इस रेस में सबसे आगे चल रही हैं, जो ब्रिटेन की पहली मुस्लिम महिला पीएम बन सकती हैं.
एंडी बर्नहैम: संसद लौटते ही ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ बर्नहैम को पीएम पद का सबसे स्वाभाविक और लोकप्रिय दावेदार माना जा रहा है.
एंजेला रेनर: पूर्व डिप्टी पीएम और वामपंथी धड़े की पसंदीदा एंजेला रेनर भी इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना रही हैं.
अक्टूबर में लिवरपूल में होने वाली लेबर पार्टी की सालाना बैठक अब महज एक औपचारिक कॉन्फ्रेंस नहीं होगी, बल्कि यह तय करेगी कि ब्रिटेन की कमान अब किसके हाथों में सुरक्षित रहेगी.
Bureau Report
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