पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कीमतों को लेकर एक भविष्यवाणी की है. उन्होंने कहा है कि कुल मिलाकर आप देखेंगे, तो 5 प्रतिशत से ज्यादा मूल्यों में वृद्धि नहीं होगी. हालांकि, उनकी बात से यह साफ नहीं हो पाया है कि आगे बढ़ोतरी होगी या नहीं. शायद वह अब तक की वृद्धि को 5 प्रतिशत के दायरे में बता रहे थे. कुछ घंटे पहले कमर्शियल LPG की कीमत बढ़ने पर उन्होंने कहा कि पूरे विश्व की अगर आप तुलना करें, तो कहीं 80% दाम बढ़ रहे हैं, कहीं 100% और कहीं तो 150% वृद्धि हुई है. इसके बाद भारत में जो व्यवस्था की गई है कि हमने आगामी 20 दिनों के स्टॉक को सुरक्षित किया, जो वैकल्पिक देश हो सकते थे, जहां से हम पेट्रोल-डीजल का आयात कर सकते थे उनसे समझौते किए गए.
दिनेश शर्मा ने कहा कि ये एक संक्रमण काल है. घरेलू सिलेंडर के मूल्यों में वृद्धि नहीं हुई है. कमर्शियल सिलेंडर में वृद्धि की गई है. विश्व के लिए ये असामान्य समय है. पिछली सरकार ने जब दाम बढ़ाए थे तो उसके कई लाख करोड़ का भुगतान वर्तमान सरकार ने किया है. इस प्रकार की चीजें, जो विशेष परिस्थिति के कारण जन्म लेती हैं, उसमें विचलित नहीं होना चाहिए और विश्वास रखना चाहिए.
कच्चा तेल तो सस्ता, यहां रेट बढ़ क्यों रहे: उदित राज
उधर, कांग्रेस नेता उदित राज ने कमर्शियल LPG की कीमतों में बढ़ोतरी पर सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ है. 2022 में भी सस्ता हुआ था. UPA सरकार के समय कच्चा तेल प्रति बैरल लगभग 100 डॉलर रहा है. पीएम मोदी के समय में औसतन 70 डॉलर प्रति बैरल रहा है, कभी-कभी इससे भी नीचे आया है, लेकिन जब कच्चा तेल सस्ता होता है तो पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं किया जाता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ है, लेकिन यहां पर इसके दाम बढ़ते जा रहे हैं. यह तो जबरदस्त शोषण है. जनता के ऊपर महंगाई की ऐसी मार पड़ रही है कि जनता कराह रही है.
Bureau Report
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