Delhi New EV Policy: 1 जुलाई से लागू होगी दिल्ली में नई EV पॉलिसी, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव

Delhi New EV Policy: 1 जुलाई से लागू होगी दिल्ली में नई EV पॉलिसी, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव

1 जुलाई 2026 से एलजी की मंजूरी के बाद दिल्ली में नई ईवी नीति लागू होगी. यह नीति 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी. इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली को प्रदूषण मुक्त शहर बनाना है. इस नीति के तहत लगभग 15,000 करोड़ रुपये का लाभ दिल्ली की जनता को मिलेगा. लगभग 7,000 करोड़ रुपये विभिन्न चरणों में खर्च किए जाएंगे. करीब 8,000 करोड़ रुपये ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर निवेश किए जाएंगे. 

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इतना व्यापक और समग्र फ्रेमवर्क लागू करेगा. इस नीति में दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया वाहन और ग्रामीण सेवा वाहन सहित सभी प्रमुख श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं. 

नई EV पॉलिसी 1 जुलाई से लागू
दिल्ली कैबिनेट ने सोमवार को इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को मंजूरी दे दी, जिसके 1 जुलाई से लागू होने की संभावना है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की और कहा कि सरकार अगले चार साल में इस पॉलिसी के तहत 15,000 करोड़ रुपये इन्वेस्ट करने की योजना बना रही है. 

2027 तक दिल्ली में 95% इलेक्ट्रिक गाड़ियों का लक्ष्य
EV पॉलिसी 2.0, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने में अपनी लीडरशिप को मजबूत करने की दिल्ली की स्ट्रैटेजी का एक अहम हिस्सा है. राष्ट्रीय राजधानी में BJP सरकार ने यह पक्का करने का लक्ष्य रखा है कि 2027 तक राष्ट्रीय राजधानी में सभी नए गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में से 95% इलेक्ट्रिक हों. 

स्क्रैपिंग पर 1 लाख का मिलेगा इंसेंटिव
PTI के हवाले से अधिकारियों ने कहा कि नई EV पॉलिसी के तहत अगले साल 1 जनवरी से दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो और 1 अप्रैल 2028 से ई-टू व्हीलर रजिस्टर किए जाएंगे. BS IV फोर व्हीलर के मालिकों को अब स्क्रैपिंग पर 1 लाख रुपये का इंसेंटिव मिलेगा. 

EV की किफायत को बढ़ावा देने के लिए, सरकार दिल्ली EV पॉलिसी के पहले साल में सभी इलेक्ट्रिक टू व्हीलर खरीदारों को 30,000 रुपये और सभी थ्री व्हीलर खरीदारों को 50,000 रुपये की सब्सिडी देगी. 

हाइब्रिड गाड़ियों को टैक्स में 50% की छूट
ड्राफ्ट EV पॉलिसी के तहत, सरकार ने प्रस्ताव दिया था कि 30 लाख तक की कीमत वाली हाइब्रिड गाड़ियों को रोड टैक्स में 50% की छूट मिलेगी. हाइब्रिड गाड़ियों में एक इंटरनल कम्बशन इंजन होता है, जिसमें एक या ज्यादा इलेक्ट्रिक मोटर होते हैं और ये अपनी बैटरी को रिचार्ज करने के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग और इंजन से निकलने वाली पावर का इस्तेमाल करते हैं. 

हालांकि, न्यूज एजेंसी को एक अधिकारी ने बताया कि EV पॉलिसी में हाइब्रिड गाड़ियों के लिए कोई सब्सिडी शामिल नहीं है. एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने पहले न्यूज एजेंसी को बताया था कि प्रशासन हाइब्रिड गाड़ियों को इंसेंटिव देने पर विचार कर रहा है, हालांकि इस प्रस्ताव का कुछ जगहों से विरोध हुआ है. 

अधिकारी ने कहा, सरकार हाइब्रिड गाड़ियों को सब्सिडी स्कीम के तहत लाना चाहती है, लेकिन इस मामले पर अलग-अलग राय है. साथ ही, सबूत बताते हैं कि हाइब्रिड गाड़ियों को इंसेंटिव देने से कई मार्केट में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाने में मदद मिली है.

अगस्त 2020 में लॉन्च हुई दिल्ली की पिछली EV पॉलिसी को कई बार बढ़ाया गया था. सरकार से पहले मार्च में दिल्ली असेंबली के बजट सेशन के दौरान EV पॉलिसी 2.0 पेश करने की उम्मीद थी. 

मनिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह ईवी नीति दिल्ली में प्रदूषण कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. वाहनजनित प्रदूषण का वैज्ञानिक आकलन किया गया है कि किस श्रेणी के वाहन से कितना प्रदूषण होता है, उसी आधार पर यह नीति तैयार की गई है. मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में इस नीति के प्रभाव से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी देखने को मिलेगी.

Bureau Report

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