…तो पूरी होगी अग्निवीरों की मनचाही मुराद? नेवी, आर्मी और एयरफोर्स ने कर दी बड़ी मांग; मोदी सरकार को भेजा प्रस्ताव

...तो पूरी होगी अग्निवीरों की मनचाही मुराद? नेवी, आर्मी और एयरफोर्स ने कर दी बड़ी मांग; मोदी सरकार को भेजा प्रस्ताव

अग्निपथ स्कीम के तहत भारतीय सेना में शामिल हुए जवानों को 4 साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना अपने साथ रखना चाहती है. हालांकि, नियमों के मुताबिक केवल 25 प्रतिशत जवान ही रखे जा सकते हैं. पर अब इस संख्या को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. अग्निवीरों की स्थायी नियुक्ति यानी रिटेंशन का प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है.

अग्निपथ स्कीम के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों ने 2023 की शुरुआत में अपनी ट्रेनिंग शुरू की थी. अग्निवीरों के शुरुआती बैच इस साल के आखिर में सर्विस के साथ अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करेंगे. नियम के मुताबिक पहले सभी अग्निवीर सेवा से मुक्त होंगे और उसके बाद जो अग्निवीर स्वेच्छा से सेना में बने रहना चाहेंगे, उनमें से मेरिट के आधार पर तय संख्या में जवानों को नियमित सैनिक के रूप में दोबारा नियुक्त किया जाएगा.

भारतीय सेना दे सकती है प्रस्ताव

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय नौसेना करीब 75% अग्निवीरों को रखने का प्रस्ताव दे सकती है.  वहीं सेना और वायुसेना भी मौजूदा 25% की जगह करीब 50% तक रिटेंशन बढ़ाने की मांग कर सकती हैं. हालांकि, अभी आधिकारिक तौर पर 25% का नियम ही लागू है.

अनुभवी हो गए हैं अग्निवीर

अग्निपथ स्कीम की तहत शामिल हुए अग्निवीर ट्रेंड और अनुभवी हो गए हैं. इनमें से कई अग्निवीरों ने चार सालों में कई ऑपरेशन में हिस्सा लिया है और नई टेक्नोलॉजी और हथियारों को संभालने का अनुभव रखते हैं. जिसे लेकर सेना का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों को बड़ी संख्या में सेना में बनाए रखना राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य क्षमता के लिहाज से अधिक लाभदायक होगा.

फिर उठी मांग

आर्मी की नई बनी भैरव बटालियन में रेगुलर इन्फेंट्री बटालियन की तुलना में रिटेन्ड सैनिकों का परसेंटेज ज्यादा हो सकता है, जिनमें चार साल का टेन्योर पूरा करने वाले अग्निवीरों का परसेंटेज ज्यादा हो सकता है. पहले DMA को ज्यादा रिटेंशन परसेंटेज की मांग वाला एक प्रपोजल भेजा गया था, लेकिन उसे री-इवैल्यूएशन के लिए वापस कर दिया गया था. हालांकि, एक बार फिर इसकी मांग उठने लगी है.

Bureau Report

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*