मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल इन दिनों अपनी फिल्म नहीं, बल्कि किसी और वजह से सुर्खियों में हैं. एक्टर एक बार फिर हाथी दांत (आइवरी) मामले को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने केरल वन विभाग को अपने पास मौजूद हाथीदांत की चीजें सौंपने के लिए आवेदन किया है. यह कदम राज्य की ‘वन-टाइम एमनेस्टी स्कीम’ के तहत उठाया गया है. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि एक्टर मोहनलाल ने केरल वन विभाग को जानकारी दी है कि राज्य की ‘वाइल्डलाइफ एमनेस्टी स्कीम’ (वन्यजीव माफी योजना) के तहत उनके पास हाथी के 10 दांत और हाथीदांत से बनी 13 मूर्तियां हैं. यह जानकारी उन्होंने ऐसे समय में दी है, जब वन्यजीवों से जुड़ी चीजें गैर-कानूनी तरीके से रखने के आरोप में उन पर केस चल रहा है.
मलयातूर डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिस के अधिकारियों ने बताया कि एक्टर ने विभाग के चल रहे एमनेस्टी प्रोग्राम के तहत यह जानकारी दी है. इस प्रोग्राम के तहत लोग अपनी मर्जी से अपने पास मौजूद वन्यजीवों से जुड़ी चीजों के बारे में बता सकते हैं. मोहनलाल ने पहले हाथी के चार दांतों की जानकारी दी थी और अब छह और दांतों के बारे में बताया है.
हाथीदांत से बनी 13 नई मूर्तियां शामिल
अधिकारियों के अनुसार, घोषित की गई नई चीजों में हाथीदांत से बनी 13 मूर्तियां शामिल हैं, जिनमें भगवान कृष्ण, भगवान राम और तिरुपति बालाजी जैसे देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं. इनका कुल वज़न लगभग 46 किलोग्राम है. मोहनलाल का कहना है कि हाथी के ज्यादातर दांत उन्हें या तो विरासत में मिले थे या तोहफे के तौर पर मिले थे. वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घोषित किए गए दांतों और हाथीदांत से बनी चीजों की असलियत और उनके मूल स्त्रोत का पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट किया जाएगा.
माफी योजना के तहत, बिना रजिस्ट्रेशन वाली वन्यजीव वस्तुओं के मालिक अधिकारों के सामने उनका घोषणा कर सकते हैं ताकि वे उन्हें कानूनी रूप से अपने पास रख सकें और कानूनी कार्रवाई से बच सकें. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब मोहनलाल पर 4 हाथीदांत गैर-कानूनी रूप से रखने से जुड़े वन्यजीव मामले में मुकदमा चल रहा है.
साल 2011 का है मामला
यह मामला साल 2011 का है, जब आयकर विभाग ने एक्टर के घरों पर छापा मारा था और कथित तौर पर हाथीदांत और हाथीदांत से बनी कलाकृतियां बरामद की थीं. इसके बाद वन विभाग ने उन पर बिना कानूनी अनुमति के हाथी दांत के दो जोड़े रखने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया. हालांकि केरल सरकार ने बाद में मुकदमा वापस लेने की कोशिश की, लेकिन निचली अदालत ने यह अनुरोध खारिज कर दिया.
केरल उच्च न्यायालय ने बाद में इस फैसले को बरकरार रखते हुए अभिनेता के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी. पिछले साल, उच्च न्यायालय ने मोहनलाल के कब्जे में मौजूद हाथी दांत की वस्तुओं के लिए जारी किए गए स्वामित्व प्रमाण पत्रों को भी रद्द कर दिया और राज्य सरकार के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसने हाथी दांत पर उनके स्वामित्व को वैध बनाया था.
Bureau Report
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