जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है. चार दिन तक चले लंबे ऑपरेशन के बाद प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर जाकिर गनई को मार गिराया गया. सुरक्षा एजेंसियां इसे घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मान रही हैं. जानकारी के मुताबिक, खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया था. अधिकारियों ने बताया कि एनकाउंटर वाली जगह से गोली चलने की आवाजें सुनाई दीं, जिसके जवाब में कार्रवाई की गई.
बाद में मारे गए आतंकवादी (जिसकी पहचान जाकिर गनी के तौर पर हुई है) का शव, साथ ही कुछ हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए. इलाके में कोई और आतंकवादी छिपा तो नहीं है, यह पक्का करने के लिए तलाशी और सैनिटाइजेशन ऑपरेशन जारी है. सुरक्षा बल इलाके के चारों ओर कड़ा घेरा बनाए हुए हैं और किसी भी बचे हुए खतरे को खत्म करने और ऑपरेशन वाली जगह को पूरी तरह से सुरक्षित करने के लिए तलाशी अभियान जारी है. अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन के औपचारिक रूप से खत्म होने और इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद हथियार बरामदगी और ऑपरेशन से जुड़ी अन्य जानकारी साझा की जाएगी.
तलाशी के दौरान चलीं गोलियां, बरामद हुआ शव
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया है. अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से बाद में कुछ और गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी, जिसका सुरक्षा बलों ने जवाब दिया. इसके बाद इलाके की तलाशी के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ. घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं. स्थानीय सूत्रों और इलाके के लोगों का दावा है कि मारा गया व्यक्ति कुलगाम का रहने वाला लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का आतंकी जाकिर गनई है, जो सुरक्षा बलों की घेराबंदी में फंसा हुआ था.
पुलिस ने कहा- ‘भाग सकते हो, बच नहीं सकते’
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभियान की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “You Can Run But You Can’t Hide!” पुलिस के मुताबिक, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) शोपियां ने सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साथ संयुक्त अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी को मार गिराया.
2024 में लश्कर में हुआ था शामिल
सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, जाकिर गनई कुलगाम का निवासी था और वर्ष 2024 में लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ था. एजेंसियों की वांटेड सूची में उसे A+++ श्रेणी का आतंकी माना जाता था. सुरक्षा बलों की ‘वॉन्टेड लिस्ट’ में उसे A+++ कैटेगरी में रखा गया था. अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरी तरह समाप्त होने और क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद बरामद हथियारों, गोला-बारूद और अन्य ऑपरेशनल जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी.
इलाके में तलाशी अभियान अब भी जारी
मुठभेड़ समाप्त होने के बाद भी सुरक्षा बल पूरे इलाके की गहन तलाशी ले रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य आतंकी छिपा न हो. अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है.
आतंक के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. उनका लक्ष्य घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह कमजोर करना और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना है.
Bureau Report
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