हरियाणा में कांग्रेस की राजनीति पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स इस बात को लेकर उत्सुक रहते हैं कि संगठन की बड़ी बैठकें कब होने वाली है. इसी बीच आलाकमान ने नए प्रभारी के रूप में संजय दत्त को भेजा है. बुधवार को चंडीगढ़ में मौका था बैठक का. नए प्रभारी संजय दत्त ने प्रदेशभर के पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों के साथ मीटिंग्स की. उनका स्वागत भी हुआ. राहुल गांधी के एक और सिपाही प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र भी थे. कुमारी सैलजा भी थीं. अन्य दिग्गज भी थे. मगर महफिल लूट ले गए रणदीप सुरजेवाला. मंच पर ही हुड्डा के साथ उनकी नोंकझोंक वायरल हो गई. बाकी नेताओं के पास सिवाय ठहाके लगाने के कोई विकल्प नहीं था.
असल में हरियाणा में कांग्रेस की गुटबाजी इस राज्य के राजनीतिक कैनवास की सबसे चटक और मजेदार चर्चा रही है. खासकर पिछले दस बीस सालों में खूब देखा गया. हुड्डा गुट, सैलजा गुट और सुरजेवाला गुट. इन्हीं के इर्द-गिर्द हरियाणा कांग्रेस घूमती रही. यहां तक कि कुलदीप बिश्नोई और किरण चौधरी जैसे नेता हुड्डा के खिलाफ पार्टी ही छोड़ गए. 2024 के विधानसभा चुनाव में भी यही कहा गया कि गुटबाजी की वजह से पार्टी जीती हुई बाजी हार गई.
खैर बुधवार को नए प्रभारी संजय सतीशचंद्रन दत्त का नेताओं ने स्वागत किया. चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऑफिस में नेताओं के भाषण हुए. इस दौरान सुरजेवाला ने जोरदार भाषण दिया और बताया कि कैसे 56 साल में पार्टी सिर्फ तीन बार ही अपने दम पर बहुमत निकाल पाई. 2005 के बाद अपने दम पर पार्टी नहीं जीती. इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र राव भाषण दे रहे थे तभी हुड्डा ने उनसे माइक लेकर सुरजेवाला की तरफ मुखातिब होते हुए हरियाणवी अंदाज में कहा कि सुरजेवाला तू मेरा साथ देदे फेर देख धमाका.’ इसके बाद पूरे हॉल में सभी लोग हंस पड़े.
तभी तपाक से सुरजेवाला ने माइक अपने हाथ में लेते हुए नहले पर दहला मार दिया कि ‘मेरे को 20 साल हो गए आपका साथ देते हुए, अब आपकी बारी आ गई है मेरा साथ देने की हुड्डा साहब.’ इसके बाद तो मंच पर बैठे सब ठहाके लगा दिए. ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया और प्रतिक्रियाओं में सब रणदीप सुरजेवाला की हाजिरजवाबी की दाद देने लगे.
कुल मिलाकर हरियाणा में रह-रहकर कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ जाती है. कांग्रेस के दिग्गज भले ही एड़ी-चोटी का जोर लगा लें मगर ये सब चीजें आ ही जाती हैं. कुछ समय पहले राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया तो लोकल नेताओं ने मोर्चा खोला. मामला थोड़ा शांत हुआ कि तो विजेंद्र सिंह की यात्रा पर अलग अलग बयान आए. फिर इस यात्रा में राहुल गांधी शामिल हुए तो मामला ठंड हुआ. अब नए प्रभारी के स्वागत में तो सुरजेवाला ने ऐसा सिक्सर मारा है कि हुड्डा गुट खिसियाकर रह गया है. बगल बैठे दीपेंद्र हुड्डा भी मुस्कुराने पर मजबूर हो गए.
Bureau Report
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