Explained: ICC वनडे वर्ल्ड कप का फॉर्मेट बदलने से फायदा होगा या नुकसान? 5 प्वाइंट्स में समझिए पूरा गणित

Explained: ICC वनडे वर्ल्ड कप का फॉर्मेट बदलने से फायदा होगा या नुकसान? 5 प्वाइंट्स में समझिए पूरा गणित

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने मेंस इवेंट्स में बड़े बदलाव का ऐलान किया है, जिसमें नए बदलाव के तहत 14 टीमों के वनडे वर्ल्ड कप के लिए तीन स्टेज का फॉर्मेट लाना शामिल है. ICC मेंस वनडे वर्ल्ड कप में 14 टीमें शामिल होती रहेंगी, लेकिन टूर्नामेंट का फॉर्मेट पुराने फॉर्मेट से अलग होगा. इसमें तीन स्टेज का कॉम्पिटिशन होगा जो फाइनल तक जाएगा. सबसे कम रैंक वाली तीन टीमें (टीम 12, 13, और 14) शुरू में ‘सुपर सीरीज’ नाम के राउंड वन में आमने-सामने होंगी, जिसमें सिर्फ टॉप टीम ही मेन स्टेज में जाएगी.

राउंड 2 में 12 टीमें होंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा. हर ग्रुप की टॉप तीन टीमें, दोनों ग्रुप में अगली सबसे ऊंची रैंक वाली टीम के साथ, ‘सुपर 7’ नाम के नए सात-टीम राउंड-रॉबिन स्टेज में आगे बढ़ेंगी. सुपर 7 स्टेज से टॉप चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी. ICC ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला इसलिए लिया है, ताकि वनडे वर्ल्ड कप टूर्नामेंट को ज्यादा रोमांचक, समझने में आसान और कमर्शियली मजबूत बनाया जा सके. इन बदलावों का मकसद शेड्यूल को बेहतर बनाना, ‘डेड रबर’ (जिन मैचों का नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ता) को कम करना और ज्यादा अहमियत वाले मैच करवाना है. इस फैसले पर बहस छिड़ गई है कि क्या नए फॉर्मेट से खेल को फायदा होगा या फिर रेवेन्यू और ब्रॉडकास्टिंग पर ज्यादा जोर दिया जाएगा.

1. ICC ने वनडे वर्ल्ड कप का फॉर्मेट फिर से बदलने का फैसला क्यों किया है?

ICC का कहना है कि नया फॉर्मेट वनडे वर्ल्ड कप को ज्यादा रोमांचक बनाने के लिए बनाया गया है. नए स्ट्रक्चर का मकसद यह पक्का करना है कि हर मैच की ज्यादा अहमियत हो और मुकाबला नतीजे वाला हो. शुरुआती मैचों को ज्यादा अहमियत वाला बनाने के लिए मेन ग्रुप स्टेज से पहले एक नया ‘सुपर सीरीज’ स्टेज शुरू किया गया है. टूर्नामेंट अब सेमीफाइनल और फाइनल से पहले तीन स्टेज वाले फॉर्मेट में खेला जाएगा. ICC ‘डेड रबर’ मैचों को कम करना चाहती है और ज्यादा टीमों को लंबे समय तक होड़ में बनाए रखना चाहती है.

उम्मीद है कि नए फॉर्मेट से पूरे टूर्नामेंट में ज्यादा अहमियत वाले मैच देखने को मिलेंगे. ICC के अनुसार, इन बदलावों का मकसद खिलाड़ियों, फैंस और ब्रॉडकास्टर्स के अनुभव को बेहतर बनाना है. 2027 के मेंस वनडे वर्ल्ड कप में बदले हुए फॉर्मेट के तहत 14 टीमें और 57 मैच होंगे. ICC का कहना है कि नए फॉर्मेट से हर मैच ज्यादा अहम हो जाएगा. चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमिटी की सिफारिशों के बाद, ICC बोर्ड ने अपनी सालाना कॉन्फ्रेंस के दौरान इस फैसले को मंजूरी दी.

2. वनडे वर्ल्ड कप का फॉर्मेट बदलने से फायदा होगा या नुकसान?

ICC वनडे वर्ल्ड कप का नया फॉर्मेट सभी 14 टीमों को सेमीफाइनल से पहले कई स्टेज में बने रहने का मौका देता है. जो टीमें पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करती हैं, उन्हें सबसे ज्यादा फायदा होने की संभावना है. मजबूत स्क्वाड वाली टीमों को फायदा हो सकता है, क्योंकि उन्हें ज्यादा हाई-प्रेशर मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना होगा. शुरुआती मैच हारने वाली टीमों के लिए वापसी करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि हर मैच ज्यादा अहम होता है. ‘सुपर 7’ स्टेज उन टीमों को इनाम देता है, जो टूर्नामेंट के अलग-अलग चरणों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करती हैं. नए स्ट्रक्चर का मकसद ‘डेड रबर’ मैचों (जिनका नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ता) को कम करना और हर मैच को ज्यादा अहम बनाना है.

टॉप ODI रैंकिंग से बाहर की टीमों पर ज्यादा दबाव होता है, क्योंकि 2027 वर्ल्ड कप के लिए ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन उनकी रैंकिंग पर निर्भर करता है. अगर कम रैंकिंग वाली टीमें रैंकिंग कट-ऑफ से चूक जाती हैं, तो उन्हें क्वालिफिकेशन प्रक्रिया के जरिए क्वालिफाई करना पड़ सकता है. नया सिस्टम ज्यादा टीमों को लंबे समय तक रेस में बनाए रखने के लिए बनाया गया है, जिससे ज्यादा कॉम्पिटिटिव मैच देखने को मिलेंगे. नए फॉर्मेट का मकसद सभी टीमों के लिए ज्यादा बैलेंस्ड, कॉम्पिटिटिव और रोमांचक वर्ल्ड कप बनाना है.

3. नया फॉर्मेट पिछले वर्ल्ड कप फॉर्मेट की तुलना में कैसा है?

नए वर्ल्ड कप में तीन चरणों वाला फॉर्मेट अपनाया जाएगा, जबकि पिछले संस्करणों में कम चरण होते थे. इस नए फॉर्मेट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि टूर्नामेंट की शुरुआत से ही हर मैच महत्वपूर्ण हो. इस नए स्ट्रक्चर का मकसद ऐसे मैचों को कम करना है, जिनका टूर्नामेंट के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ता (जिन्हें ‘डेड रबर’ मैच कहा जाता है), जो पिछले वर्ल्ड कप में एक समस्या थी. सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए टीमों को कई चरणों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. ‘सुपर सीरीज’ और ‘सुपर 7’ चरणों को इसलिए शामिल किया गया है ताकि कुछ अच्छे मैचों के बजाय लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों को इनाम मिल सके.

उम्मीद है कि ज्यादा टीमें लंबे समय तक टूर्नामेंट में बनी रहेंगी, जिससे टूर्नामेंट और ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो जाएगा. इस नए फॉर्मेट का मकसद पूरे टूर्नामेंट के दौरान ज्यादा हाई-प्रेशर वाले मैच करवाना है. इस नए स्ट्रक्चर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि रोमांच बना रहे और फैंस के लिए टूर्नामेंट को फॉलो करना आसान हो. ICC का कहना है कि फॉर्मेट में किए गए बदलावों से खिलाड़ियों, फैंस और ब्रॉडकास्टर्स के लिए कुल अनुभव बेहतर होगा. इसका मुख्य मकसद क्रिकेट वर्ल्ड कप को पिछले संस्करणों की तुलना में ज्यादा संतुलित, कॉम्पिटिटिव और दिलचस्प बनाना है.

4. क्या यह बदलाव कमर्शियल और ब्रॉडकास्टिंग फायदों के लिए है?

नया फॉर्मेट वर्ल्ड कप को और ज्यादा कॉम्पिटिटिव बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. ICC चाहता है कि टूर्नामेंट की शुरुआत से ही हर मैच की अहमियत ज्यादा हो. बदले हुए स्ट्रक्चर का मकसद बेकार के मैच कम करना और ज्यादा हाई-स्टेक्स वाले गेम बनाना है. तीन-स्टेज वाले फॉर्मेट का मकसद ज्यादा टीमों को ज्यादा समय तक मुकाबले में बनाए रखना है. नया सिस्टम फैंस के लिए टूर्नामेंट को फॉलो करना आसान बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. ICC का कहना है कि इन बदलावों से खिलाड़ियों और फैंस का अनुभव बेहतर होगा और साथ ही कॉम्पिटिशन भी मजबूत होगा.

ऑफिशियल घोषणा कमर्शियल फायदों के बजाय क्रिकेट की वजहों, जैसे कॉम्पिटिशन और मतलब वाले मुकाबलों पर फोकस करती है. ज्यादा हाई-प्रेशर मैच दर्शकों की दिलचस्पी और ब्रॉडकास्ट वैल्यू भी बढ़ा सकते हैं, लेकिन ICC ने इसे बदलावों का मुख्य कारण नहीं बताया है. ICC के पास मीडिया राइट्स और स्पॉन्सरशिप के लिए एक अलग कमर्शियल प्रोग्राम है, लेकिन वर्ल्ड कप फॉर्मेट की घोषणा में खुद खेल के मकसद पर जोर दिया गया है. कुल मिलाकर, ऑफिशियल एक्सप्लेनेशन में फॉर्मेट में बदलाव को ज्यादा बैलेंस्ड, कॉम्पिटिटिव और दिलचस्प वर्ल्ड कप बनाने के कदम के तौर पर दिखाया गया है.

5. नए फॉर्मेट का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?

अगर भारत लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है, तो उसे फायदा हो सकता है, क्योंकि नए फॉर्मेट में उन टीमों को इनाम मिलता है, जो सभी स्टेज पर अच्छा खेलती हैं. एक मजबूत स्क्वाड और अच्छी बेंच स्ट्रेंथ भारत को लंबे और ज्यादा कॉम्पिटिटिव टूर्नामेंट को संभालने में मदद कर सकती है. हर मैच ज्यादा अहम होगा, इसलिए आगे रहने के लिए भारत को मजबूत शुरुआत की जरूरत होगी. छोटी टीमों को मुकाबला करने के ज्यादा मौके मिलेंगे, जिससे वर्ल्ड कप ज्यादा बैलेंस्ड हो जाएगा.

ज्यादा कॉम्पिटिटिव मैचों से उभरते हुए देशों में क्रिकेट को बढ़ाने में मदद मिल सकती है. नए फॉर्मेट का मकसद ‘डेड मैचों’ (जिनका नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ता) को कम करके पूरे टूर्नामेंट के दौरान फैंस की दिलचस्पी बनाए रखना है. ICC का कहना है कि ये बदलाव वर्ल्ड कप को सभी टीमों के लिए ज्यादा कॉम्पिटिटिव और रोमांचक बनाने के लिए किए गए हैं, न कि सिर्फ एक देश के लिए. ICC ने ऐसा नहीं कहा है कि नया फॉर्मेट भारत या किसी दूसरी टीम को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है. कुल मिलाकर मकसद वर्ल्ड कप को मजबूत बनाना और ग्लोबल क्रिकेट की लंबे समय की ग्रोथ में मदद करना है.

Bureau Report

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