NEET लीक और नए कानूनों पर हंगामा तय! संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, ये है पूरा एजेंडा

NEET लीक और नए कानूनों पर हंगामा तय! संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, ये है पूरा एजेंडा

देश की राजनीति का पारा एक बार फिर चढ़ने वाला है. जानकारी के मुताबिक, 18वीं लोकसभा का आगामी मानसून सत्र आगामी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जो 13 अगस्त तक चलेगा. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, इस 25 दिनों के सत्र के दौरान सरकार अपने विधायी एजेंडे को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी में है. सरकार जहां 5 नए महत्वपूर्ण बिल पेश करने वाली है, वहीं विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है.

सत्र की शुरुआत से ठीक पहले राजनीति गर्मा गई है. संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने 19 जुलाई को सुबह 11 बजे सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाई है, जिसमें सरकार अपने एजेंडे की रूपरेखा रखेगी. वहीं दूसरी तरफ, रणनीति तैयार करने के लिए 20 जुलाई को विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक होने जा रही है.

मोदी सरकार का एजेंडा: 5 नए कानून और पुराने पेंडिंग बिलों को प्राथमिकता

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस मानसून सत्र में सरकार कुल 5 नए बिल संसद के पटल पर रखेगी. इसके अलावा दो पुराने और महत्वपूर्ण बिलों को पास कराना सरकार की प्राथमिकता होगी.

FCRA बिल को प्राथमिकता: इस साल की शुरुआत में पेश किया गया फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 और लंबे समय से अटका विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, 2025 सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर हैं.

अध्यादेशों की जगह लेंगे नए बिल: सरकार इनकम-टैक्स (अमेंडमेंट) बिल, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश करेगी, जो मौजूदा ऑर्डिनेंस (अध्यादेश) की जगह लेंगे.

ये 3 नए बिल भी होंगे पेश: जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (अमेंडमेंट) बिल, 2026, सूत्रों के अनुसार, सरकार आगामी मानसून सत्र में राष्ट्रीय गीत के सम्मान से संबंधित नया विधेयक पेश कर सकती है. इस बिल में वंदे मातरम का अपमान करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और सख्त सजा का प्रावधान किया गया है, जिसका विपक्ष द्वारा विरोध किए जाने के आसार हैं. और माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज डेवलपमेंट (MSME) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर भी इस सत्र में विचार किया जाएगा.

डिलिमिटेशन और पेपर लीक पर मचेगा रार; कांग्रेस ने दी सीधी चेतावनी

इस सत्र के बेहद हंगामेदार होने की उम्मीद है, क्योंकि विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए कई बड़े मुद्दे हैं. हाल के हफ्तों में कुछ विपक्षी पार्टियों के भीतर आपसी अनबन और बंटवारा भी देखने को मिला है, जिससे सदन के भीतर की तस्वीर दिलचस्प होगी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सरकार इस सत्र में डिलिमिटेशन बिल (परिसीमन विधेयक) को दोबारा लाती है, तो कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी. रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र एक ऐसे कानून के लिए पिछले दरवाजे से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है जो पहले लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में नाकाम रहा था. इसके अलावा कांग्रेस FCRA, नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट, 2013 में बदलावों और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल का भी कड़ा विरोध करेगी.

विपक्ष इन मुद्दों पर भी सरकार को घेरेगा

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल हाल ही में हुए NEET-UG पेपर लीक मामले और देश की सुरक्षा व ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हताहतों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा की गई हालिया टिप्पणियों पर सरकार से तीखे सवाल पूछने की तैयारी में हैं.

मानसून सत्र से पहले आज NDA की बड़ी बैठक

इस बीच आपको बता दें कि 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां सातवें आसमान पर हैं. विपक्ष की आक्रामक घेराबंदी से निपटने और विधायी एजेंडे को सुचारू रूप से लागू करने के लिए आज सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की एक बेहद महत्वपूर्ण संसदीय रणनीति बैठक हुई है. यह हाई प्रोफाइल बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आधिकारिक आवास पर बुलाई गई थी.

इस बैठक में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ एनडीए के सभी सहयोगी दलों के प्रमुख नेता और सांसद शामिल हुए. बैठक का मुख्य उद्देश्य मानसून सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों (जैसे NEET पेपर लीक) पर सरकार का रुख तय करना और फ्लोर मैनेजमेंट को मजबूत बनाना है.

Bureau Report

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