लोकसभा में भारी हो-हंगामे के बीच आखिरकार ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल’ 2026 बिल पास हो गया. बिना बहस के लोकसभा में इस बिल को पास कर दिया गया है. विपक्ष के हंगामे की वजह से बिल पर चर्चा नहीं हो सकी.
इस बिल का मकसद विदेशी निवेश को बढ़ावा लेने से लेकर मेड इन इंडिया पर फोकस बढ़ाने के लिए घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को प्रस्ताहित करना है. इसके साथ ही बिल में ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’ में भी संशोधन का प्रावधान है. इसके अलावा ये बिल Income-tax (Amendment) Ordinance, 2026 की जगह लेगा.
इस बिल का फायदा क्या होगा ?
सरकार इस बिल के जरिए विदेशी निवेश को लुभाने, मेक इन इंडिया को मजबूत करने के साथ-साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को ले जाने का मास्टरप्लान तैयार कर रही है. जिस तरह से वैश्विक हालात, ग्लोबल ट्रेड और सप्लाई चेन में बदलाव हो रहा है, भारत के कई सेक्टर को निवेश और सहारे की जरूरत हैं.
इस बिल से आपको क्या फायदा होने वाला है ?
यह बिल से सीधे तौर पर आपके इनकम टैक्स में बदलाव नहीं होने वाला है, लेकिन लॉन्ग टर्म में ये बिल आप पर असर डाल सकता है. विदेशी निवेशक को आकर्षित करने के लिए इस बिल में जरूरी प्रावधान है, जिससे निवेश और उद्योग के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पर असर पड़ेगा. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों(FPI) को गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश से होने वाली ब्याज आय और कैपिटल गेन पर टैक्स छूट मिलेगी. जिससे भारत में और विदेशी निवेशक आकर्षित होंगे, निवेश बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को बूस्ट.
मेड इन इंडिया के लिए बूस्टर डोज
इस बिल का फोकस ‘मेक इन इंडिया’ के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए TAX छूट की राहत देना है. टैक्स छूट को 5 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया है. जिससे मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, सर्वर, पीसी आदि की मैन्युफैक्चरिंग के लिए कंपनियां भारत की ओर आकर्षित होंगी. इस बिल में विदेशी डायमंड माइनिंग कंपनियों, साइटहोल्डर्स, ब्रोकर्स, एग्रीगेटर्स और नीलामी करने वाली संस्थाओं को इनकम पर टैक्स छूट की राहत मिल रही है. 2041 तक टैक्स छूट की राहत से सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा.
UPI पेमेंट में बड़े बदलाव का रास्ता खुलेगा
इस बिल में UPI पेमेंट से जुड़े बड़े बदलाव होने वाले हैं. बिल में Payment and Settlement Systems Act, 2007 के सेक्शन 10A में बदलाव का प्रस्ताव है. जिसके बाद UPI पेमेंट, डिजिटल पेमेंट, रूपे कार्ड के जरिए होने वाले पेमेंट पर जीरो MDR का दायरा खत्म हो सकता है. यानी यूपीआई पर चार्ज लग सकता है. ये तय सरकार करेंगी कि कितने पेमेंट पर, किस पेमेंट पर ये चार्ज लगाया जाएगा. बिल से सरकार के पास अधिकार होगा कि वो जरूरत पड़ने पर UPI लेन-देन पर MDR लागू कर सकती है.
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