दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया का एक चरण पूरा हो गया है. घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाने और जमा कराने की प्रक्रिया सोमवार को खत्म हो गई. अब 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. वहीं जिन मतदाताओं ने इस चरण में फॉर्म जमा नहीं किया है, उनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं होंगे. हालांकि, ऐसे मतदाताओं को अपना नाम दोबारा लिस्ट में शामिल कराने का मौका दिया जाएगा.
दिल्ली में कुल 14510299 मतदाता हैं. इनमें से 9747879 मतदाताओं ने गणना प्रपत्र(Enumeration Form) जमा कराया है. करीब 47.62 लाख मतदाताओं के फॉर्म इस चरण में जमा नहीं हो सके. ऐसे मतदाताओं के लिए 24 अगस्त से 23 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय रहेगा.
फॉर्म जमा नहीं करने वालों को मिलेगा मौका
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, गणना प्रपत्र जमा करने का चरण खत्म होने का ये मतलब नहीं है कि जिन लोगों के फॉर्म जमा नहीं हुए, वो हमेशा के लिए वोटर लिस्ट से बाहर हो जाएंगे. ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद मतदाता अपना नाम शामिल कराने के लिए दावा कर सकेंगे.
अगर किसी मतदाता का घर बदल गया है और उसे गणना प्रपत्र नहीं मिला या किसी दूसरे कारण से वो फॉर्म जमा नहीं कर पाया, तो वह फॉर्म-6 भरकर नए पते से मतदाता लिस्ट में नाम जुड़वाने का दावा कर सकता है. इसके बाद निर्वाचन आयोग की ओर से दस्तावेजों और जानकारी का सत्यापन किया जाएगा. दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया 24 अगस्त से 23 सितंबर तक चलेगी. सत्यापन पूरा होने के बाद 27 अक्टूबर को लास्ट मतदाता लिस्ट जारी की जाएगी.
पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी भी जरूरी
वहीं जिन मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा किया है, लेकिन उसमें साल 2002 के SIR से जुड़ी जानकारी नहीं दी है या उनका पुराना रिकॉर्ड मौजूद नहीं है, उन्हें भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. ऐसे मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी यानी ERO की ओर से नोटिस भेजा जा सकता है. नोटिस मिलने पर मतदाता को अपनी श्रेणी के अनुसार जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. निर्वाचन आयोग ने इसके लिए अलग-अलग दस्तावेजों को मान्य किया है.
किन डॉक्यूमेंट्स की है जरूरत?
इनमें जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से जुड़े डॉक्यूमेंट शामिल हैं. इसके अलावा सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, पुराने सरकारी दस्तावेज, पारिवारिक रजिस्टर और जमीन या मकान से जुड़े प्रमाणपत्र भी उपयोगी हो सकते हैं. आधार का इस्तेमाल भी जरूरी निर्देशों के अनुसार किया जा सकेगा.
रोहिणी में सबसे ज्यादा फॉर्म जमा
SIR के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में फॉर्म जमा होने का प्रतिशत अलग रहा. रोहिणी में सबसे ज्यादा 83.43 प्रतिशत फॉर्म जमा हुए. यहां 125478 मतदाताओं के फॉर्म मिले. वहीं तुगलकाबाद में सबसे कम 52.15 परसेंट फॉर्म जमा हुए. ओखला में 54.67 प्रतिशत और आरके पुरम में 55.54 परसेंट मतदाताओं ने फॉर्म जमा किए. जिलों की बात करें तो उत्तरी दिल्ली में सबसे ज्यादा 75.68 परसेंट गणना प्रपत्र जमा हुए. दक्षिण दिल्ली में सबसे कम 56.32 परसेंट फॉर्म जमा हुए. इसका मतलब है कि दक्षिण दिल्ली में बड़ी संख्या में मतदाता इस चरण में फॉर्म जमा नहीं कर पाए.
24 अगस्त के बाद महत्वपूर्ण होगा अगला चरण
SIR के तहत अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने का इंतजार है. 24 अगस्त को लिस्ट सामने आने के बाद मतदाताओं को अपना नाम और जानकारी जरूर जांचनी चाहिए. अगर नाम नहीं है या किसी जानकारी में गलती है, तो तय समय के अंदर दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है. चुनाव अधिकारियों के अनुसार, जो लोग नहीं है, जिनका का ट्रांसफर हो गया हो, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के कारण भी कई नाम लिस्ट से हटाए गए हैं. इसलिए मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे ड्राफ्ट लिस्ट में अपना नाम जरूर देखें और जरूरत पड़ने पर समय रहते आवेदन करें. दावे और आपत्तियों का प्रोसेस पूरा होने के बाद 27 अक्टूबर को लास्ट मतदाता लिस्ट जारी की जाएगी. ऐसे में जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, उनके लिए 24 अगस्त से 23 सितंबर तक का समय बेहद महत्वपूर्ण रहेगा.
Bureau Report
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