UCC: बंगाल में 13 कानून के बजाए एक मैरिज लॉ! लिव-इन से लेकर हिंदू-मुस्लिम शादी तक होगा असर

UCC: बंगाल में 13 कानून के बजाए एक मैरिज लॉ! लिव-इन से लेकर हिंदू-मुस्लिम शादी तक होगा असर

देश में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर तेजी से काम चल रहा है. उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश के बाद अब पश्चिम बंगाल में इसे लागू करने के लिए दिल्ली में अहम बैठक हो रही है. इस काम के साथ-साथ राज्य की सुवेंदु अधिकारी सरकार 13 पुराने मैरिज एक्ट बंद करके एक मैरिज लॉ लागू करने की ओर आगे बढ़ रही है. माना जा रहा है नया बिल पास होते ही पश्चिम बंगाल में हिंदू-मुस्लिम विवाह, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे घटनाक्रमों पर गहरा असर पड़ेगा.

राज्य सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी धर्म-आधारित पर्सनल कानूनों की जगह एक ऐसा यूनिफाइड कानूनी ढांचा बनाने के लिए काम कर रही है जो सभी धर्म/समुदायों के लिए शादी, तलाक, गुजारा-भत्ता, उत्तराधिकार और गार्जियनशिप से जुड़े मामलों को नियंत्रित करेगा. हालांकि इस ड्राफ्ट में देश की अनुसूचित जनजातियों को इस कोड के दायरे से बाहर रखा जाएगा. इसी तरह नया कानून किसी भी धर्म और संप्रदाय के सांस्कृतिक और स्थानीय रीति-रिवाजों, पहनावे या पारंपरिक रस्मों में कोई दखल नहीं देगा.

शादी, तलाक और ‘लिव-इन’ में क्या-क्या बदल जाएगा?

सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित ड्राफ्ट के तहत, शादियों का रजिस्ट्रेशन एक निर्धारित समय-सीमा के अंदर संबंधित राज्य सरकार के अधिकारियों से मंजूर कराना जरूरी होगा. नया कानून पास होने के बाद, कोर्ट के बाहर तलाक नहीं हो सकेंगे. तलाक के आधार पति-पत्नी दोनों के लिए एक जैसे होंगे. गुजारा-भत्ते में भी बराबरी का अधिकार मिलेगा. वहीं हलाला, जैसे मामले अब पश्चिम बंगाल में भी देखने-सुनने में नहीं मिलेंगे.

  1. प्रस्तावित कानून में लिव-इन पार्टनर के लिए अपनी पार्टनरशिप का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा.
  2. ऐसा न करने पर भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. 
  3. माना जा रहा है कि नए कानून से लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चों को भी कानूनी सुरक्षा मिलेगी.
  4. पश्चिम बंगाल के UCC ड्राफ्ट में एक से अधिक शादी का कोई प्रावधान नहीं होगा.
  5. विरासत के मामलों में, बेटों और बेटियों को पैतृक संपत्ति पर बराबर अधिकार मिलेंगे.
  6. गोद लेने और वसीयत से जुड़े नियम भी धर्म और जेंडर के आधार पर भेदभाव नहीं करेंगे. 

इन 13 एक्टों की छुट्टी होगी!

रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन कानूनों के खत्म होने के बाद नया कानून आने की खबरें चल रही हैं, उनमें धर्मनिरपेक्षता पर फोकस होगा. वहीं UCC का ड्राफ्ट तैयार करने वाली कमेटी के मेंबर उस्मान मल्लिक के मुताबिक कमेटी दिल्ली में पश्चिम बंगाल UCC के लिए एक व्यापक रोडमैप बनाने के लिए अहम बैठक कर रही है. अगले चरण की जानकारी आगे सार्वजनिक की जाएगी.

Bureau Report

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