श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दानपात्र और चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में अयोध्या से इस वक्त की बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है. इस पूरे प्रकरण में पुलिस और प्रशासन का कड़ा एक्शन लगातार जारी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गोपाल राव, चंपत राय के करीबी माने जाते हैं. इसके अलावा खबर है कि राम मंदिर ट्रस्ट भंग हो सकता है.
व्यवस्थापक गोपाल राव पर गिरी गाज
चढ़ावा चोरी विवाद की आंच अब ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों तक पहुंच चुकी है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद, अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि ट्रस्ट के व्यवस्थापक गोपाल राव को भी उनके पद से हटा दिया गया है.
गोपाल राव पर भी एक नए सिरे से एफआईआर
राम मंदिर ट्रस्ट के व्यवस्थापक रहे गोपाल राव पर भी एक नए सिरे से एफआईआर दर्ज की गई है. पहले खबर आई कि गोपाल राव हटाए गए हैं लेकिन अब वहीं यह भी खबर निकल कर आ रही है कि व्यवस्थापक गोपाल राव पर फिर भी एफआईआर पंजीकृत की गई है.
लगातार कड़े हो रहे हैं फैसले
8 लोगों की गिरफ्तारी और ट्रस्ट के दो बेहद महत्वपूर्ण चेहरों (चंपत राय और गोपाल राव) पर हुए इस बड़े एक्शन के बाद अयोध्या से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है. माना जा रहा है कि मंदिर की व्यवस्था में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में कुछ और बड़े और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं.
वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तर्ज पर होगी व्यवस्था
राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से करोड़ों रुपये की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद अयोध्या में एक बहुत बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है.सूत्रों के मुताबिक, बढ़ते विवादों के बीच ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को भंग किए जाने की सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इस बड़े बदलाव के तहत, राम मंदिर की पूरी व्यवस्था को ‘माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड’ की तर्ज पर पुनर्गठित किया जा सकता है. इसका सीधा मतलब यह है कि मंदिर का प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्थाएं अब सीधे प्रशासन (सरकार) के नियंत्रण और देखरेख में जा सकती हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के विवादों और वित्तीय गड़बड़ियों को पूरी तरह से रोका जा सके.
Bureau Report
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