इनोवेटर और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लोकसभा में पारित हुए एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक का स्वागत किया है. नीट पेपर लीक को लेकर 26 दिनों तक अनशन करने वाले वांगचुक ने केंद्र सरकार के इस कदम पर खुशी जाहिर की और ये भी कहा कि सरकार सिर्फ परीक्षाओं तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में काम करे.
इसके साथ ही, उन्होंने दिल्ली से श्रीनगर लौटते समय ‘दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस’ के सफर को यादगार बताते हुए भारतीय रेलवे पर गर्व महसूस करने की बात भी कही.
नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले सोनम वांगचुक को इस आंदोलन की सफलता का बड़ा सूत्रधार माना जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को जब 18 जुलाई को धरना स्थल से उठाया गया, तो उनके समर्थन में भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर मारपीट हुई और आंदोलन ने बड़ा रूप लिया. देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए. इसके बाद सरकार बातचीत के लिए आई. लिहाजा वांगचुक ने सरकार के साथ हुए समझौतों और कुछ आश्वासनों के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया था. अब लद्दाख लौटते समय वांगचुक ने कहा कि वे संसद में इस मुद्दे पर हुई चर्चा और संशोधन विधेयक के पारित होने से संतुष्ट हैं.
छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की अपील
सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से अपने वादों पर कायम रहने की अपील भी की है. उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘मैं खुश हूं कि परीक्षाओं में सुधार के लिए संसद में बिल लाया गया, लेकिन मेरी सरकार से अपील है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई न करने का, जो लिखित समझौता हुआ था, उस पर कायम रहा जाए. देश की युवा पीढ़ी में फिर से भरोसा कायम करने के लिए छात्रों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएं, ताकि सब मिलकर राष्ट्रनिर्माण में जुट सकें.’
वंदे भारत और चिनाब ब्रिज देखकर महसूस हुआ गर्व
दिल्ली में आंदोलन के बाद लद्दाख लौट रहे सोनम वांगचुक ने दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर किया. इस यात्रा के दौरान उन्होंने विश्व के सबसे ऊंचे रेल पुल चिनाब ब्रिज का मनमोहक दृश्य देखकर भारतीय रेलवे के इंजीनियरिंग कौशल की जमकर तारीफ की और कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है.
10 साल की सजा और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रावधान
संसद में पास हुए एंटी पेपर लीक बिल, जिसे ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026’ नाम दिया गया है, उसमें सख्त प्रावधान किए गए हैं. परीक्षा धांधली और पेपर लीक पर नकेल कसने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं. दोषियों को अब 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है. मामलों की जल्दी कार्रवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा. यह विधेयक लोकसभा से पास हो चुका है और अब इसे राज्यसभा में प्रस्तुत किया जाना बाकी है.
Bureau Report
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