अगर आपको रात के अंधेरे में टिमटिमाते तारों और आसमान के रहस्यों को देखना पसंद है, तो अगस्त का महीना आपके लिए खास होने वाला है! इस एक ही महीने में अंतरिक्ष में ऐसी अद्भुत और दुर्लभ घटनाएं होने जा रही है, जो सदियों में कभी-कभार ही देखने को मिलती हैं.
इस अगस्त आसमान सिर्फ तारे नहीं चमकाएगा, बल्कि दिन के उजाले में सूरज ढक जाएगा और रात में टूटते तारों की बौछार होगा. जहां एक ओर पूर्ण सूर्यग्रहण के कारण दिन में भी अचानक अंधेरा छा जाएगा, वहीं ब्लड मून रात को लालिमा से भर देगा. सिर्फ इतना ही नहीं, पर्सिड्स उल्कापिंडों की तेज बौछार और शनि ग्रह का सबसे चमकीला रूप भी इसी अगस्त महीने में देखने को मिलने वाला है. कुल मिलाकर, अगस्त 2026 में आसमान में कई बड़ी खगोलीय घटनाएं होगी, जिसे देखने का मौका आपको बिल्कुल नहीं गंवाना चाहिए. आइए जानते हैं सभी की डिटेल्स…
चंद्रमा और मंगल की अद्भुत युति
महीने की शुरुआत 1 अगस्त को सूर्यास्त के बाद चंद्रमा और मंगल की अद्भुत युति से होगी. इसके बाद 5 अगस्त को पूरी रात शनि ग्रह अपने अपोजिशन में रहेगा, जिससे इसे देखने का यह सबसे परफेक्ट समय होगा.
पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त
इसी महीने 12 तारीख को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. जिससे दिन में ही अंधेरा छा जाएगा. पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और आर्कटिक क्षेत्र से दिखाई देगा. वहीं आंशिक सूर्य ग्रहण यूरोप, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका और पश्चिमी एशिया के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा. हालांकि 12 अगस्त को लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. यह सूर्यग्रहण 12 अगस्त को दोपहर 1:37 बजे होगा और इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेगा, जिससे दिन के समय अंधेरा छा जाएगा.
उल्कापिंडों की बौछार
सूर्यग्रहण के तुरंत बाद 12 और 13 अगस्त की दरमियानी रात 9:56 बजे के आस पास पर्सिड्स उल्कापिंडों की बौछार होगी. यह दुनिया की सबसे फेमस उल्का बौछारों में से एक है, जिसमें प्रति घंटे 50 से 100 तक टूटते हुए तारे देखे जा सकते हैं. इस बार चंद्रमा की रोशनी कम होने के कारण इसे भारत, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और एशिया के अधिकांश हिस्सों में बेहद स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा.
इसके बाद 15 अगस्त को रात 1:59 बजे शुक्र ग्रह अपने चरम पर पहुंचेगा और 20 अगस्त को रात 10:46 बजे पहला त्रैमासिक चंद्रमा यानी First Quarter Moon नजर आएगा.
ब्लड मून
महीने के अंत में 28 अगस्त को रात 12:14 बजे एक गहरा आंशिक चंद्रग्रहण भी देखने को मिलेगा और ठीक 12:18 बजे पूर्ण स्टरजन मून का नजारा दिखेगा. चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा का करीब 96% हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में आ जाएगा, जिससे यह काफी गहरा लाल दिखाई देगा और इसे ब्लड मून भी कहते हैं. इसे यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में देखा जा सकता है, जबकि भारत में इसकी दृश्यता चंद्रोदय के स्थानीय समय पर तय करेगी.
अगर आप भी अगस्त के महीने में होने वाली इन घटनाओं को देखना चाहते हैं, तो शहर की लाइटों और प्रदूषण से दूर किसी अंधेरी जगह जाना होगा. उल्कापिंडों की बौछार को खुली आंखों से आसमान की तरफ देखा जा सकता है, वहीं शनि ग्रह और चंद्रग्रहण को देखने के लिए दूरबीन या टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, सूर्यग्रहण देखते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और बिना ISO 12312-2 प्रमाणित सोलर चश्मों के सूर्य की तरफ सीधे देखने से बचना चाहिए.
Bureau Report
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