यूट्यूब की कड़ी शर्तों और घटती कमाई से परेशान क्रिएटर्स के लिए चीन से एक बड़ी खबर आई है. चीन का सबसे पॉपुलर वीडियो प्लेटफॉर्म Bilibili अब अपने पंख फैलाकर पूरी दुनिया पर राज करने की तैयारी में है. 37 करोड़ से ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स वाला यह प्लेटफॉर्म अब सीधे तौर पर YouTube, TikTok और Instagram Reels को टक्कर देने मैदान में उतर चुका है. अपने नए इंटरनेशनल ऐप और बिना पासपोर्ट रजिस्ट्रेशन जैसे आसान नियमों के साथ Bilibili हर क्रिएटर का पसंदीदा बनना चाहता है. लेकिन क्या चीन का यह ऐप सिक्योरिटी और सेंसरशिप के सवालों के बीच ग्लोबल मार्केट पर कब्जा कर पाएगा? आइए समझते हैं Bilibili का पूरा मास्टरप्लान…
2009 में शुरू हुआ था Bilibili
इंटरनेट की दुनिया में जब भी ऑनलाइन वीडियो देखने की बात आती है तो हमारे दिमाग में सबसे पहला नाम यूट्यूब का आता है. पिछले कई सालों से गूगल का यह प्लेटफॉर्म पूरी दुनिया पर राज कर रहा है. लेकिन अब इस खेल में एक बड़ा मोड़ आ गया है. चीन का सबसे बड़ा और लोकप्रिय वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म Bilibili अब अपने देश की सीमाओं को लांघकर ग्लोबल मार्केट में कदम रख चुका है. Bilibili का सीधा निशाना अब YouTube, TikTok, Instagram Reels और Twitch जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर है.
Bilibili की शुरुआत साल 2009 में हुई थी. शुरुआत में यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से एनीमे (Anime), गेमिंग और पॉप कल्चर पसंद करने वाले युवाओं के लिए बनाया गया था. लेकिन धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि यह चीन का सबसे बड़ा वीडियो हब बन गया. आज Bilibili के पास 37.6 करोड़ यानी 376 मिलियन से भी ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स हैं. अब यह कंपनी अपने बड़े यूजर बेस और बेहतरीन क्रिएटर इकोसिस्टम के दम पर पूरी दुनिया के कंटेंट क्रिएटर्स और दर्शकों को अपनी ओर खींचना चाहती है.
Bilibili क्या है और चीन में इतना पॉपुलर क्यों है?
Bilibili चीन का अपना यूट्यूब है. लेकिन यह सिर्फ एक नॉर्मल वीडियो देखने वाली जगह नहीं है, बल्कि यह चीन के GenZ का सबसे बड़ा सोशल अड्डा है. चीन में इसे प्यार से ‘B साइट’ (B Site) भी कहा जाता है. इस प्लेटफॉर्म की सबसे खास बात इसकी यूनिक कम्युनिटी और कल्चर है.
पॉपुलर होने के 3 कारण
चीन में Bilibili की पॉपुलैरिटी के पीछे 3 सबसे मुख्य कारण हैं. पहला कारण है इसका बुलेट कमेंट फीचर. जब आप Bilibili पर कोई वीडियो देखते हैं, तो दर्शकों के कमेंट्स वीडियो के ऊपर स्क्रीन पर गोलियों की तरह उड़ते हुए दिखाई देते हैं. इससे यूजर को लगता है कि वह अकेले वीडियो नहीं देख रहा है, बल्कि हजारों लोगों के साथ बैठकर थिएटर में फिल्म देख रहा है. यह फीचर युवाओं को एक-दूसरे से बहुत गहराई से जोड़ता है.
दूसरा कारण है इसका कंटेंट और जेन जी (Gen Z) फोकस. Bilibili पर आपको एनीमे, गेमिंग, टेक रिव्यू, पढ़ाई-लिखाई और लाइफस्टाइल से जुड़ा बहुत ही शानदार और हाई-क्वालिटी कंटेंट मिलता है. चीन का लगभग हर युवा इस ऐप का इस्तेमाल करता है.
तीसरा कारण है Bilibili का क्रिएटर-फ्रेंडली होना. यहां नए कंटेंट बनाने वालों यानी क्रिएटर्स को बहुत सम्मान और अच्छी कमाई का मौका मिलता है, जिससे वहां के बेहतरीन क्रिएटर्स सिर्फ इसी ऐप के लिए वीडियो बनाते हैं.
ग्लोबल मार्केट में उतरने के लिए क्या है तैयारी
चीन के मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद Bilibili को समझ आ गया है कि अगर उसे दुनिया की सबसे बड़ी वीडियो कंपनी बनना है, तो उसे चीन से बाहर निकलना होगा. इसके लिए कंपनी ने बहुत ही ठोस और मास्टर प्लान तैयार किया है.
सबसे पहले Bilibili ने अपने इंटरनेशनल ऐप को नए अवतार में दोबारा लॉन्च किया है. एंड्रॉइड यूजर्स के लिए यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है और जल्द ही आईफोन यूजर्स के लिए ऐप स्टोर पर भी आ रहा है. इसके साथ ही कंपनी एक अंग्रेजी भाषा की वेबसाइट पर भी तेजी से काम कर रही है. अंग्रेजी वेबसाइट आने से दुनिया भर के वो लोग जो चीनी भाषा नहीं जानते, वे भी बहुत आसानी से इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकेंगे.
केवल टेक्नोलॉजी ही नहीं, Bilibili अपनी टीम को भी ग्लोबल बना रहा है. कंपनी दुनिया के बड़े-बड़े शहरों जैसे लॉस एंजिल्स (अमेरिका), लंदन (ब्रिटेन), टोक्यो (जापान), मेक्सिको सिटी, साओ पाउलो और इस्तांबुल में लोकल कम्युनिटी मैनेजर्स की भर्ती कर रही है. इसका मतलब है कि Bilibili हर देश के लोकल कल्चर और पसंद को समझकर वहां अपना पैर जमाना चाहता है. इसके अलावा कंपनी AI कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पर भी भारी निवेश कर रही है ताकि दुनिया भर के अलग-अलग कानूनों और नियमों के हिसाब से वीडियो को फिल्टर किया जा सके.
क्या Bilibili के पास YouTube को चुनौती देने के लिए क्रिएटर बेस है?
यह एक ऐसा सवाल है जो हर टेक एक्सपर्ट पूछ रहा है. अगर आंकड़ों की बात करें तो यूट्यूब के पास दुनिया भर में 250 करोड़ से भी ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं, जबकि Bilibili के पास फिलहाल 37.6 करोड़ यूजर्स हैं जो मुख्य रूप से चीन से हैं. पहली नजर में देखने पर यूट्यूब बहुत आगे दिखाई देता है, लेकिन Bilibili का दांव संख्या से ज्यादा इंगेजमेंट और ‘क्रिएटर असंतोष’ पर है.
आजकल यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर कॉम्पिटीशन बहुत ज्यादा बढ़ गई है. नए क्रिएटर्स के लिए वहां पहचान बनाना और पैसे कमाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है. यूट्यूब के सख्त नियम और मोनेटाइजेशन की शर्तें कई क्रिएटर्स को निराश कर रही हैं. Bilibili इसी मौके का फायदा उठाना चाहता है.
Bilibili की सबसे बड़ी ताकत उसकी वफादार कम्युनिटी है. दुनिया के सबसे लोकप्रिय और अमीर यूट्यूबर्स में से एक MrBeast ने भी Bilibili पर अपना अकाउंट बनाया है और वहां उनके वीडियो बहुत ज्यादा देखे जाते हैं. Bilibili एक ब्रांड मार्केटप्लेस बना रहा है. इस मार्केटप्लेस के जरिए दुनिया के बड़े ब्रांड्स सीधे क्रिएटर्स से संपर्क कर सकेंगे और उन्हें स्पॉन्सर्ड कंटेंट के लिए बहुत अच्छे पैसे देंगे. अगर Bilibili विदेशी क्रिएटर्स को यूट्यूब से ज्यादा कमाई और बेहतर रीच देने में कामयाब होता है, तो लाखों क्रिएटर्स बहुत तेजी से इस चीनी ऐप की तरफ शिफ्ट हो सकते हैं.
Bilibili का इंटरनेशनल ऐप विदेशी क्रिएटर्स और यूजर्स के लिए कितना बड़ा बदलाव है?
विदेशियों के लिए चीनी ऐप्स का इस्तेमाल करना हमेशा से एक सिरदर्द रहा है. पहले अगर चीन से बाहर का कोई व्यक्ति Bilibili पर अकाउंट बनाना चाहता था, तो उसे अपना पासपोर्ट या सरकारी पहचान पत्र अपलोड करना पड़ता था. आइडेंटिटी वेरिफिकेशन की इस मुश्किल प्रोसेस के कारण विदेशी यूजर्स इस ऐप से दूर ही रहते थे.
लेकिन Bilibili के नए ग्लोबल ऐप ने इस नियम को पूरी तरह से खत्म कर दिया है. अब नए इंटरनेशनल ऐप पर साइन-अप करना बेहद आसान हो गया है. अब विदेशी यूजर्स को किसी भी तरह का पासपोर्ट या मुश्किल वेरिफिकेशन देने की जरूरत नहीं है. वे सिर्फ अपने ईमेल या फोन नंबर से तुरंत अकाउंट बना सकते हैं.
डेटा सिक्योरिटी और कंटेंट सेंसरशिप की सबसे बड़ी चुनौती क्यों है?
Bilibili का प्लान कितना भी शानदार क्यों न हो, लेकिन उसके रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा ‘चीन की कंपनी’ होना है. पिछले कुछ सालों में हमने देखा है कि कैसे TikTok, Huawei और WeChat जैसी चीनी टेक कंपनियों को पश्चिमी देशों और भारत में भारी विरोध और बैन का सामना करना पड़ा है.
Bilibili के सामने हैं 3 बड़ी चुनौतियां
डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी: दुनिया भर की सरकारें और यूजर्स इस बात को लेकर बेहद संवेदनशील हैं कि उनका पर्सनल डेटा कहां स्टोर हो रहा है. चीनी कानूनों के मुताबिक वहां की सरकार कभी भी कंपनियों से डेटा मांग सकती है. इस कारण अमेरिका और यूरोपीय देशों में Bilibili पर डेटा चोरी का शक हमेशा बना रहेगा.
कंटेंट सेंसरशिप: चीन में इंटरनेट पर बहुत कड़ा पहरा है. वहां सरकार के खिलाफ या संवेदनशील मुद्दों पर वीडियो बनाना सख्त मना है. जब Bilibili ग्लोबल होगा, तो क्या वह विदेशी क्रिएटर्स को अपनी बात खुलकर कहने की आजादी देगा? अगर Bilibili ने विदेशी वीडियो पर चीनी सेंसरशिप थोपी, तो विदेशी यूजर्स इस ऐप को तुरंत छोड़ देंगे.
भरोसे की कमी: पश्चिमी बाजारों में चीनी ऐप्स के प्रति भरोसे की भारी कमी है. अमेरिका और यूरोप में किसी भी चीनी ऐप को तुरंत राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मान लिया जाता है. Bilibili को खुद को एक सुरक्षित और स्वतंत्र प्लेटफॉर्म साबित करने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी.
Bureau Report
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