देश के दिग्गज कारोबारी समूह एस्सार ग्रुप की रीटेल यूनिट ‘ईईटी रीटेल’ (EET Retail) ने ब्रिटेन के फ्यूल मार्केट में बड़ी डील की है. ईईटी रीटेल ने यूके के प्रमुख फोरकोर्ट ऑपरेटर ‘एसजीएन रीटेल को खरीदने के लिए बड़ा करार किया है. हालांकि, कंपनी की तरफ से डील को लेकर किसी तरह का खुलाया नहीं किया गया है. इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के अनुसार यह डील करीब 5,166 करोड़ रुपये (400 मिलियन पाउंड) में हुई है. इस बड़ी डील के साथ एस्सार ग्रुप ब्रिटेन के एनर्जी सेक्टर में अपनी पकड़ को मजबूत करने जा रहा है.
एसजीएन रीटेल को ग्राहम पीकॉक और सुसान टोबेल ने शुरू किया था. इस कारोबारी डील के तहत ईईटी रीटेल एसजीएन की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी को टेकओवर करेगी. इस डील से ईईटी रीटेल के नेटवर्क में 118 नए हाई क्वालिटी वाले पेट्रोल पंप जुड़ जाएंगे. कंपनी के पास पहले से 117 साइट्स चल रही हैं. नए 118 पेट्रोल पंप के अधिग्रहण के बाद कंपनी का कुल नेटवर्क बढ़कर 235 पेट्रोल पंप का हो जाएगा. इसके साथ ही ईईटी रीटेल सीधे रिफाइनरी इंटीग्रेशन के साथ ब्रिटेन की दूसरी सबसे बड़ी फोरकोर्ट ऑपरेटर बन जाएगी.
65 करोड़ लीटर से ज्यादा तेल की बिक्री
इस डील के बाद ईईटी रीटेल की सालाना तेल बिक्री कैपेसिटी 65 करोड़ (650 मिलियन) लीटर से ज्यादा हो जाएगी. कंपनी का टारगेट सिर्फ यहां तक ही सीमित रहना नहीं है. एस्सार का लॉन्ग टर्म प्लान साल 2031 तक अपने नेटवर्क को बढ़ाकर 800 पेट्रोल पंप तक पहुंचाने का है. इससे ब्रिटेन के फ्यूल मार्केट में उसकी हिस्सेदारी करीब 9 प्रतिशत हो जाएगी. इन सभी रिटेल आउटलेट्स को तेल की सप्लाई एस्सार की चेशायर स्थित फेमस ‘स्टैनलो रिफाइनरी’ से की जाएगी. इससे आयात पर भी निर्भरता कम होगी.
बड़ी कंपनियों ने रिफाइनिंग इन्वेस्टमेंट कम किया
ईईटी रीटेल के सीईओ अरवन रुइया ने कहा कि ब्रिटेन में एक विशाल और इंटीग्रेटेड रीटेल प्लेटफॉर्म तैयार करना हमारी पॉलिसी का हिस्सा है. पिछले दो दशक में ब्रिटेन का फ्यूल मार्केट बिखरा हुआ था, क्योंकि बड़ी कंपनियों ने रिफाइनिंग में इन्वेस्टमेंट करना काफी कम कर दिया था. अब स्टैनलो रिफाइनरी से सीधे अपने रिटेल स्टेशनों तक तेल पहुंचाने से सप्लाई चेन के बिचौलिये कम होंगे. इससे यूके के वाहन चालकों को प्रतिस्पर्धी और किफायती दरों पर पेट्रोल-डीजल मिल सकेगा.
दुनियाभर के बैंकों से मिला फाइनेंशियल सपोर्ट
डील को पूरा करने के लिए फाइनेंसिंग नकद और 250 मिलियन पाउंड की सीनियर डेब्ट फैसिलिटी (Senior Debt Facility) के जरिये की जा रही है. इस फंडिंग को दुनिया के प्रमुख बैंकों ने सिस्टेमेटिक किया है, जिनमें फर्स्ट अबू धाबी बैंक, मैकक्वेरी बैंक, मिजराही तेफाहोत बैंक, नैटिक्सिस, ओकनॉर्थ बैंक और रॉयल बैंक ऑफ कनाडा शामिल हैं. ईईटी के स्ट्रैटेजिक ट्रांजेक्शन प्रमुख विरल गथानी ने कहा कि चार महाद्वीप के टॉप बैंकों का यह सपोर्ट ब्रिटेन के रीटेल मार्केट और हमारे इंटीग्रेटेड ग्रोथ मॉडल में ग्लोबल वित्तीय जगत के विश्वास को साबित करता है. विदेश में हुई डील का सीधा असर देश की इकोनॉमी और ग्लोबल साख को मिलेगा.
भारत को क्या होगा फायदा?
ब्रिटेन जैसे बाजार में 118 पेट्रोल पंप का एक साथ टेकओवर करना भारतीय कॉरपोरेट जगत की बढ़ती ताकत को दर्शा रहा है. इससे ग्लोबल लेवल पर यह संदेश जा रहा है कि भारतीय कंपनियां केवल विदेशी निवेश हासिल नहीं कर रहीं, बल्कि विकसित देशों के प्रमुख सेक्टर से जुड़ी डील करने में सक्षम हैं. इस डील के बाद विदेशी करेंसी का फ्लो देश के अंदर बढ़ेगा. इस डील से भारत और ब्रिटेन के बीच की आर्थिक साझेदारी और कारोबारी रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी. इस डील का एक फायदा यह भी है कि दुनिया के चार महाद्वीप के प्रमुख इंटरनेशनल बैंकों ने फंड किया है. इससे किसी भारतीय कंपनी के बिजनेस मॉडल पर विदेशी बैंकों का भरोसा मजबूत हुआ है.
Bureau Report
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