चक्रवात अर्नब: यानम में एनडीआरएफ ने हटाए गिरे पेड़ और मलबा
चक्रवात अर्नब के कारण तेज हवाओं से कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। घरों को भी नुकसान पहुंचा है और कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें पुडुचेरी के यानम में राहत और सफाई अभियान चला रही हैं। बचाव दल सड़कों और घरों पर गिरे पेड़ों तथा मलबे को हटाने में जुटे हैं।
एनडीआरएफ के कमांडर ईश्वर राव गाडे ने बताया कि एक बड़ा बरगद का पेड़ घर पर गिर गया है। टीम उसे हटाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई है और टीम के पहुंचने से पहले ही घर के लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
गाडे ने एएनआई से कहा, “कल रात आए तूफान के बाद बरगद का एक बड़ा पेड़ गिर गया है। हम उसे हटाने के लिए यहां आए हैं। हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी, जिससे कई पेड़ गिर गए। इस घर समेत चार मकान प्रभावित हुए हैं। एनडीआरएफ की टीम फिलहाल मलबा हटाने में जुटी है।”
आंध्र प्रदेश के कई जिलों में रेड अलर्ट
चक्रवात अर्नब के लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी रहने के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आंध्र प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन इलाकों में बेहद भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तूफान और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
आईएमडी की वेबसाइट के अनुसार, रेड अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं: श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और एलुरु।
आंध्र प्रदेश: मौसम विभाग ने कहा- शाम तक बनी रहेगी बारिश की तीव्रता
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में चक्रवाती तूफान अर्नब के लैंडफॉल को लेकर मौसम विभाग के निदेशक पीवीएन मूर्ति ने कहा, “बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब इस समय नरसापुर और यानम के बीच तट पर स्थित है। यह फिलहाल तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बहुत धीरे आगे बढ़ रहा है। लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और तूफान का केंद्र तट को छू चुका है। लैंडफॉल की पूरी प्रक्रिया पूरी होने में अगले एक से दो घंटे या दो से तीन घंटे लग सकते हैं।”
उन्होंने कहा, “लैंडफॉल के बाद चक्रवात के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की आशंका है। इसके प्रभाव से, जैसा कि हमने अनुमान लगाया था, इस समय 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। हवा के झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। लैंडफॉल के बाद हवाओं की रफ्तार धीरे-धीरे कम होगी। बारिश की मौजूदा तीव्रता आज शाम तक बनी रहेगी। शाम से बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगेगी। इसी के साथ हवा की रफ्तार भी धीरे-धीरे घटेगी।”
आंध्र प्रदेश: चक्रवात अर्नब के चलते काकीनाडा में उखड़े बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के कई खंभे गिरे
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पुलिस अधीक्षक जी बिंदु माधव ने कहा कि चक्रवात अर्नब का जिले पर काफी असर पड़ा है। इसकी वजह से कई सौ पेड़ उखड़ गए और 100 से कम बिजली के खंभे गिर गए। हालांकि, किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि रात एक बजे के बाद बारिश कम हो गई।
माधव ने कहा कि एहतियात के तौर पर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया था। आधी रात से रात एक बजे के बीच तेज हवाओं और तूफान की गर्जना के कारण लोग शिविरों में ही रहे। उन्होंने बताया कि समुद्र तट के किनारे से गुजरने वाली उप्पाडा सड़क पूरी तरह बह गई है। जिले में बारिश अपेक्षाकृत कम हुई, लेकिन तेज झोंकेदार हवाओं का असर ज्यादा देखने को मिला।
चक्रवात अर्नब: आंध्र प्रदेश में अब तक जनहानि की खबर नहीं, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दी जानकारी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि चक्रवात अर्नब के कारण अब तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है। उन्होंने इसका श्रेय प्रशासन की ओर से पहले से किए गए एहतियाती उपायों को दिया। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों समेत करीब 32 हजार कर्मचारियों के साथ टेलीकांफ्रेंस के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि संपत्ति को होने वाले नुकसान को कम किया जाए और चक्रवात प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जाए।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, नायडू ने कहा, “चक्रवात अर्नब के कारण अब तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है। प्रशासनिक तंत्र की ओर से पहले से किए गए एहतियाती उपायों से जनहानि रोकने में मदद मिली।” नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों पर गिरे पेड़ों को दो घंटे के भीतर हटाया जाए। राष्ट्रीय राजमार्गों पर रास्ता रोकने वाले पेड़ों को तत्काल हटाने को भी कहा। उन्होंने तेज हवाएं थमने के बाद प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने चक्रवात राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि खेतों में पानी घुसने से रोका जाए, बागवानी फसलों की सुरक्षा की जाए और तालाबों तथा नहरों के तटबंध टूटने की आशंका को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसलों को हुए नुकसान का शुरुआती आकलन तैयार करने और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों को तैयार रखने का निर्देश दिया।
इसके अलावा, चक्रवात प्रभावित इलाकों में लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए मनमित्र प्रणाली का पूरा इस्तेमाल करने को कहा गया। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ताओं को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
तमिलनाडु के थूथुकुडी के कई इलाकों में छाया कोहरा
तमिलनाडु में सुबह तड़के थूथुकुडी के शहरी और उपनगरीय इलाकों में कोहरा छाया रहा। वहीं, बंदरगाह के पास स्थित समुद्र तट पर ऊंची लहरें उठती देखी गईं। चक्रवात अर्नब के प्रभाव और मौसम विभाग की ओर से तेज हवाओं व समुद्र में उथल-पुथल को लेकर जारी चेतावनी के बाद थूथुकुडी जिले के मछुआरे लगातार तीसरे दिन मछली पकड़ने के लिए समुद्र में नहीं गए।
चक्रवात अर्नब के चलते ओडिशा में अलर्ट, कई जगहों पर तेज हवा के साथ बारिश की आशंका
ओडिशा में चक्रवात अर्नब के लगातार शक्तिशाली होने के बीच गंजाम जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। वहीं, चक्रवात अर्नब के तट से टकराने की प्रक्रिया के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी ने कहा, “तूफान के केंद्र में फिलहाल 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इनके झोंकों की गति 145 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। अगले दो से तीन घंटे तक हवाओं की यह तीव्रता बनी रहेगी, जिसके बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।”
उन्होंने कहा, “फिलहाल चक्रवात के तट से टकराने की प्रक्रिया जारी है और यह अगले दो से तीन घंटे तक चल सकती है। इसके तट से टकराने का सटीक स्थान बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के ठीक दक्षिण में है। शुरुआत में चक्रवात के धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और उसके बाद उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुड़ने का अनुमान है। अगले कुछ घंटों में इसके तटवर्ती क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ की ओर जाने और ओडिशा के करीब पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी।”
उन्होंने कहा, “चक्रवात के कारण दक्षिणी ओडिशा के कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इनमें गंजाम, गजपति, रायगड़ा, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।”
आंध्र प्रदेश: समुद्र में उठ रहीं ऊंची लहरें, तेज हवा के साथ कई इलाकों में बारिश
चक्रवात अर्नब की वजह से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आरके बीच पर तेज हवाएं चल रही हैं और ऊंची लहरें उठ रही हैं। चक्रवात लगातार शक्तिशाली हो रहा है। भीषण चक्रवाती तूफान का केंद्र तट के बेहद करीब पहुंच गया है। अगले कुछ घंटों के दौरान इसके तट से टकराने की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से विजयवाड़ा शहर और आसपास के इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। लोगों को सलाह दी गई है कि आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। चक्रवात अर्नब के कारण चली तेज हवाओं से काकीनाडा जिले के कोरिंगी इलाके में कई पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए।
विशाखापत्तनम में आरके बीच इलाके में समुद्र की स्थिति खराब बनी हुई है। एहतियात के तौर पर पुलिस ने लोगों के समुद्र तट पर जाने पर रोक लगा दी है। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी शुरू
चक्रवाती तूफान अर्नब के चलते कई जगह पेड़ गिर गए हैं, जिनसे सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज बारिश और आंधी चल रही है।
पश्चिम बंगाल में भी दिख रहा असर
चक्रवात अर्नब का असर पश्चिम बंगाल में भी दिखाई दे रहा है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा समुद्र तट पर समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तेज हवाएं चल रही हैं। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तटीय इलाकों में खराब मौसम के कारण समुद्र की स्थिति उग्र बनी हुई है।
Bureau Report
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