कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के उत्तरीपुरा कस्बे में शनिवार दोपहर प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक ने घर में अकेली युवती पर ब्लेड से हमला कर उसे घायल कर दिया. इसके बाद युवक ने अपनी गर्दन और कलाई पर भी ब्लेड मारकर खुद को लहूलुहान कर लिया. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया.
दरसल बिल्हौर कस्बे की रहने वाली युवती अपनी चचेरी बहन के साथ घर पर कपड़े लेने पहुंची थी. जैसे ही उसने दरवाजा खोला, खजुरिया निवादा निवासी अरविंद दिवाकर अंदर घुस आया और उसे कमरे में धक्का देकर बंद कर लिया. आरोप है कि युवक बात करने का दबाव बना रहा था और मना करने पर उसने ब्लेड व चाकू से युवती के गले और हाथ पर हमला कर दिया.
शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए. सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर दोनों को गंभीर हालत में सीएचसी भेजा, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर रेफर कर दिया गया. युवती ने पुलिस को बताया कि दोनों पहले साथ पढ़ते थे और दोस्ती थी, लेकिन उसने कुछ समय से बात करना बंद कर दिया था. वहीं युवक ने सात साल से प्रेम संबंध होने की बात कही. पुलिस को मौके से ब्लेड व अन्य सामान मिला है. एसीपी ने बताया कि दोनों खतरे से बाहर हैं और मामले की जांच कर कार्रवाई की जा रही है.
कानपुर में फर्जी फर्म बनाकर 2.66 करोड़ का घोटाला
वहीं कानपुर में फर्जी फर्मों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले का मामला सामने आया है. मूंगफली के बिजनेस के नाम पर 2.66 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया गया था. क्राइम ब्रांच ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने सीओडी क्रॉसिंग के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया है. इससे पहले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस जेल भेज चुकी है. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है. मामले में आगे की जांच जारी है.
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि राज्य कर विभाग ने फरवरी में कल्याणपुर थाने में फर्जी फर्मों के नाम पर आईटीसी का अवैध तरीके से लाभ लेने की एफआईआर दर्ज कराई थी. पुलिस और क्राइम ब्रांच ने अपूर्वा ट्रेडिंग कंपनी के नाम से संचालित फर्म की जांच की. उसके मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित पते का सत्यापन कराया गया, जिसमें किसी तरह की व्यापारिक गतिविधि होते नहीं मिली थी.
पुलिस को फर्म से मोबाइल नंबर भी गायब मिला था. डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से फर्म बोगस निकली, जिसके संचालको की ओर से फर्जी दस्तावेंजों के सहारे अवैध तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने की जानकारी हुई. फर्म ने 2019-20 में 2.66 करोड़ का लाभ लिया. पुलिस ने कमल गौरव साहू और एतिशाम हुसैन को पहले ही जेल भेज दिया था, वही अब पुलिस ने दीपक कुमार उर्फ मोगली को गिरफ्तार किया गया.
डीसीपी क्राइम ने बताया कि गिरोह फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल, किरायानामा जैसे कूटरचित दस्तावेज तैयार कराते थे. इन के आधार पर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में फर्जी जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराया जाता था.
आरोपी वास्तविक व्यापार किए बिना केवल कागजों में माल की खरीद-फरोख्त दर्शाकर फर्जी इनवॉइस एवं ई-वे बिल तैयार करते थे. इन लेन-देन के आधार पर आईटीसी का गलत तरीके से क्लेम कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जाता था. गिरोह में कई लोग कमीशन के आधार पर फर्म रजिस्ट्रेशन, बैंक खाता संचालन, बिलिंग एवं रिटर्न फाइलिंग का कार्य करते थे.
Bureau Report
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