अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े चंदे के कथित प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच जांच की प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है. सूत्रों के अनुसार, लवकुश मिश्रा को एसआईटी ने हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं. हालांकि अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है.
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि चंपतराय के करीबियों पर कार्रवाई हो सकती है. टिन्नू यादव को भी हिरासत में लिया जा सकता है. जांच एजेंसियों की ओर से फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
पूर्व इंजीनियर के आरोपों से बढ़ा विवाद
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े रहे सेवानिवृत्त इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने ट्रस्ट के एक सदस्य पर कथित वित्तीय अनियमितताओं और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि उन्होंने पहले भी इन मुद्दों को उठाया था, जिसके बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया.
हालांकि ट्रस्ट की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगा.
संत समाज की अपील: जांच पूरी होने तक रखें धैर्य
सरयू नित्य आरती से जुड़े महंत शशिकांत दास ने कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और सभी पक्षों को जांच पूरी होने तक धैर्य रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि तथ्य सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विवाद से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और वे केवल जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील कर रहे हैं.
दोषी कोई भी हो, कार्रवाई होनी चाहिये- महंत संजय दास
हनुमानगढ़ी से जुड़े महंत संजय दास ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और यदि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और सामाजिक विषयों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.
फिलहाल पूरे मामले की निगाहें SIT जांच पर टिकी हैं. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितना तथ्य है और क्या वास्तव में किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है.
Bureau Report
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