Crude Oil Price: ट्रंप का एक कदम और धड़ाधड़ चढ़ने लगा तेल, चार साल के र‍िकॉर्ड लेवल पर पहुंचा क्रूड

Crude Oil Price: ट्रंप का एक कदम और धड़ाधड़ चढ़ने लगा तेल, चार साल के र‍िकॉर्ड लेवल पर पहुंचा क्रूड

अमेर‍िका-ईरान के बीच तनाव फ‍िर से बढ़ने का असर यह हो रहा है क‍ि ग्‍लोबल ऑयल मार्केट में हलचल मची हुई है. ब्रेंट क्रूड के दाम गुरुवार को चार साल के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गए और यह चढ़कर 123.44 डॉलर प्रत‍ि बैरल तक पहुंच गया. क्रूड के दाम में आ रही तेजी का कारण अमेरिका-ईरान के बीच जंग दोबारा शुरू होने की आशंका और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जारी अमेरिकी ब्लॉकेड को बताया जा रहा है. बीबीसी की र‍िपोर्ट में दावा क‍िया गया क‍ि अमेर‍िकी सेना ब्‍लॉकेड को सख्‍ती के साथ लंबे समय तक जारी रखने की तैयारी कर रही है. मीड‍िया र‍िपोर्ट में बताया गया क‍ि अमेरिकी सेना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ उठाए जा सकने वाले सैन्य कदमों पर ब्रीफ‍िंग देने वाली है. इस ब्रीफ्र‍िंग के बाद ही ईरान के ख‍िलाफ कार्रवाई तय हो सकेगी.

शांति वार्ता फेल होने के बाद बढ़ा तनाव

ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल निर्यात पर लगाए गए ब्लॉकेड को बनाए रखने का फैसला किया है. इससे बाजार में सप्लाई रुकने का खतरा बढ़ गया है. इस कारण तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. आपको बता दें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनियाभर की तेल और एलपीजी जरूरत का 20 फीसदी ह‍िस्‍सा गुजरता है. अमेरिका ने ईरानी पोर्ट पर ब्लॉकेड जारी रखा है. दूसरी तरफ ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले ट्रैफ‍िक पर रोक लगाने की धमकी दी है. शांति वार्ता विफल होने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया है.

क्यों बढ़ रहीं तेल की कीमतें?

ईरान पर लंबे समय तक ब्लॉकेड जारी रखने की खबरों इंटरनेशनल लेवल पर बाजार को ह‍िलाकर रख द‍िया है. सप्लाई बाध‍ित होने की आशंका से निवेशक तेल में सुरक्षित निवेश की तरफ भाग रहे हैं. पिछले कुछ दिन में ही ब्रेंट क्रूड में 7% से ज्यादा का उछाल देखा गया है. यह क्रूड का 2022 के बाद का सबसे ऊंचा लेवल है और इससे ग्‍लोबल इकोनॉमी पर दबाव बढ़ने की आशंका है. अगर पेट्रोल- डीजल की कीमत में इजाफा हुआ तो आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ सकता है.

अभी और ऊपर जाएगा तेल?

जानकारों का कहना है यद‍ि अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हुई या ब्लॉकेड लंबा ख‍िंचा तो तेल और ऊपर जा सकता है. दूसरी तरफ यद‍ि आपसी बातचीत से कोई समाधान निकला तो कीमत में कुछ राहत मिल सकती है. ट्रंप प्रशासन फिलहाल ईरान पर दबाव बनाए रखने की पॉल‍िसी पर काम कर रहा है. बाजार अब ट्रंप की अगली ब्रीफ‍िंग और किसी भी नए डेवलपमेंट पर नजर टिकाए हुए है. हाल‍िया हालात ऑयल मार्केट के साथ ही ग्‍लोबल इकोनॉमी के लिए भी च‍िंता का विषय बन गए हैं.

Bureau Report

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*