अगर आप दिल्ली के निवासी हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) अभियान की शुरुआत की जा रही है. दिल्ली में यह विशेष अभियान तीस जून से शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर पहुंचकर मतदाताओं की जानकारी का भौतिक सत्यापन करेंगे. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जनता को इस अभियान के प्रति जागरूक किया है.
क्या है एसआईआर (SIR) अभियान और यह क्यों है जरूरी?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह से पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना है ताकि केवल वैध और पात्र नागरिकों के नाम ही इसमें शामिल रहें. इसके तहत उन सभी युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे जिनकी उम्र अठारह वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है. इसके साथ ही, इस अभियान के दौरान वोटर लिस्ट की छंटनी भी की जाएगी. ऐसे लोग जो अब उस पते पर नहीं रहते, जिनका निधन हो चुका है या जिनके नाम गलती से एक से ज्यादा बार दर्ज हो गए हैं, उनके नाम सूची से पूरी तरह हटा दिए जाएंगे.
किस तरह से पूरी होगी सत्यापन की प्रक्रिया?
इस प्रक्रिया के अंतर्गत बीएलओ आपके घर आएंगे और मतदाताओं का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन कर एक गणना फॉर्म भरवाएंगे. इस फॉर्म के माध्यम से नागरिकों की नवीनतम फोटो, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारियों को अपडेट किया जाएगा. घर-घर जाकर जानकारी जुटाने के बाद पांच अगस्त को एक ड्राफ्ट लिस्ट जारी की जाएगी, जिसे देखकर लोग अपने नाम की पुष्टि कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे.
घर-घर सत्यापन से लेकर अंतिम सूची जारी होने का पूरा कार्यक्रम
चुनाव आयोग ने इस पूरे अभियान के लिए एक विस्तृत समय-सीमा तय की है. तीस जून से लेकर उनतीस जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से फॉर्म भरवाएंगे. इसके बाद पांच अगस्त को पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जनता के सामने रखी जाएगी. पांच अगस्त से लेकर चार सितंबर के बीच आम लोगों को सूची में सुधार करवाने और अपनी आपत्तियां दर्ज करने का मौका दिया जाएगा. इन सभी आपत्तियों पर सुनवाई और उनका समाधान तीन अक्टूबर तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा. पूरी प्रक्रिया के बाद सात अक्टूबर को दिल्ली की अंतिम और अपडेटेड मतदाता सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी जाएगी.
नागरिकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
अपना नाम वोटर लिस्ट में बनाए रखने के लिए हर पंजीकृत मतदाता के लिए यह फॉर्म भरना अनिवार्य है. सत्यापन के समय आपको कुछ बुनियादी जानकारियां तैयार रखनी होंगी, जिनमें आपके माता-पिता का नाम, राज्य का नाम, आपकी पुरानी वोटर आईडी की पूरी जानकारी और आपके विधानसभा क्षेत्र का नाम शामिल है. यह फॉर्म पुराने रिकॉर्ड या परिवार के मौजूदा वोटर विवरण के आधार पर भरा जाएगा. नागरिकों को यह सुविधा दी गई है कि वे यह फॉर्म सीधे अपने इलाके के बीएलओ को जमा कर दें या फिर चुनाव आयोग के आधिकारिक ऑनलाइन नागरिक सेवा पोर्टल (voters.eci.gov.in) पर जाकर खुद ही इसे भरकर सबमिट कर दें.
Bureau Report
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