बिहार के भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर सियासी घमासान जारी है. इस एनकाउंटर को लेकर बिहार पुलिस सवालों के घेरे में है. विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष के भी कई नेता इस एनकाउंटर को फर्जी बता रहे हैं. लिहाजा, पूरे देश में इसका विरोध हो रहा है. अब इस मामले में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री भी हो गई है. ओवैसी ने यूपी की धरती से भरत तिवारी एनकाउंटर का विरोध किया. बिजनौर की नजीबाबाद विधानसभा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए बिहार की एनडीए सरकार और बिहार पुलिस पर जमकर निशाना साधा.
ओवैसी ने साफ शब्दों में कहा मैं हिंदू-मुस्लिम नहीं देखता हूं, मैं हमेशा से ही एनकाउंटर नीति के खिलाफ हूं. यह पूरी तरह से गलत है. AIMIM चीफ ने कानून और संविधान का हवाला देते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने पूछा कि आखिर जब आरोपी ने सरेंडर की स्थिति बना ली थी, तो कानून को हाथ में क्यों लिया गया? उन्होंने कहा कि अगर पुलिस को ही ऑन-द-स्पॉट फैसला करना है और एनकाउंटर ही सही है, तो फिर कोर्ट और अदालतों को ताला लगा देना चाहिए.
इससे पहले AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने भरत तिवारी एनकाउंटर का विरोध करते हुए बीजेपी पर जमकर हमला किया था. शादाब चौहान ने कहा है कि जहां-जहां बीजेपी की सरकार है, वहां पर कानून-व्यवस्था चरमरा गई है. उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में एनकाउंटर न्याय का प्रतीक नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा कि एनकाउंटर हो या फिर हत्या की घटना हो, दोनों के दोनों सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं.
शादाब चौहान ने कहा कि अगर पुलिस पर कोई हथियार उठा रहा है तो इसका मतलब है कि कानून का डर समाज से खत्म हो रहा है. कहीं संरक्षण प्राप्त गुंडे इस प्रकार का माहौल तो नहीं बना रहे हैं, यह भी जांच का विषय है.
Bureau Report
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