क्या यूजरनेम रखना जरूरी है? क्या कोई भी कर सकता है मैसेज? WhatsApp ने दिया हर सवाल का जवाब

क्या यूजरनेम रखना जरूरी है? क्या कोई भी कर सकता है मैसेज? WhatsApp ने दिया हर सवाल का जवाब

WhatsApp जल्द ही एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जिससे आप बिना अपना फोन नंबर शेयर किए दूसरों से चैट कर सकेंगे. इसके लिए कंपनी ‘Username’ फीचर लेकर आ रही है. हालांकि, इस फीचर के आने से पहले ही भारत सरकार ने इस पर चिंता जताई है कि इससे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे घोटाले बढ़ सकते हैं. सरकार के नोटिस के बाद, WhatsApp ने प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े स्पष्टीकरण (FAQs) जारी किए हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह नया फीचर कैसे काम करेगा और आपकी सुरक्षा के लिए इसमें क्या खास इंतजाम किए गए हैं.

क्या यूजरनेम रखना अनिवार्य होगा?

सबसे पहला और बड़ा सवाल यह है कि क्या हर किसी को WhatsApp पर यूजरनेम बनाना पड़ेगा? कंपनी ने साफ कर दिया है कि यह फीचर पूरी तरह से ऑप्शनल (स्वैच्छिक) होगा. अगर आप नहीं चाहते, तो आपको यूजरनेम बनाने की कोई जरूरत नहीं है. आप पहले की तरह ही अपने फोन नंबर के जरिए ऐप का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं.

क्या कोई भी आपका यूजरनेम ढूंढ सकता है?

बहुत से लोगों को डर है कि यूजरनेम आने के बाद कोई भी अनजान व्यक्ति उन्हें सर्च करके परेशान करने लगेगा. WhatsApp ने इस डर को दूर करते हुए बताया है कि यूजरनेम ‘सर्च करने योग्य’ (Not Searchable) नहीं होंगे. जैसे आज आप किसी का फोन नंबर डालकर उसे WhatsApp पर डायरेक्ट सर्च नहीं कर सकते, वैसे ही यूजरनेम के साथ भी होगा. जब तक आप खुद किसी को अपना यूजरनेम नहीं बताएंगे, कोई आपको मैसेज नहीं कर पाएगा.

स्कैमर्स से बचाने के लिए ‘Username Key’

सुरक्षा को एक लेवल और ऊपर ले जाने के लिए कंपनी ने ‘यूजरनेम की’ (Username Key) का कांसेप्ट पेश किया है. यह एक एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन लेयर है. अगर कोई आपका यूजरनेम जान भी जाता है, तो भी उसे आपसे चैट शुरू करने के लिए इस ‘की’ (Key) की जरूरत होगी. आप इस की को कभी भी बदल या रिसेट कर सकते हैं, जिससे अनजान लोगों से आने वाले मैसेज तुरंत ब्लॉक हो जाएंगे.

सेलिब्रिटीज और ब्रांड्स के नाम सुरक्षित रहेंगे

क्या कोई आम यूजर पीएम मोदी, सचिन तेंदुलकर या किसी बड़े ब्रांड के नाम का यूजरनेम रख सकता है? इसका जवाब है ‘बिल्कुल नहीं’. WhatsApp ने बताया है कि मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, सेलिब्रिटीज और मेटा वेरिफाइड अकाउंट्स के नाम पहले से ही रिजर्व (सुरक्षित) कर दिए गए हैं. इसके अलावा, जिनके पास फेसबुक या इंस्टाग्राम पर वेरिफाइड यूजरनेम हैं, वे अकाउंट लिंक करके अपना वही नाम WhatsApp पर भी सुरक्षित कर सकते हैं.

सरकार ने क्यों जताई है चिंता?

भारत सरकार के आईटी मंत्रालय ने Meta को एक नोटिस जारी कर इस फीचर के रोलआउट पर फिलहाल रोक लगाने को कहा है. सरकार का मानना है कि इस फीचर का गलत इस्तेमाल करके अपराधी लोगों को फर्जी अधिकारी या बैंक कर्मचारी बनकर डरा सकते हैं, जिससे ‘डिजिटल अरेस्ट’ और वित्तीय धोखाधड़ी के मामले बढ़ सकते हैं. सरकार ने WhatsApp से तीन दिनों के भीतर इस पर पूरी रिपोर्ट मांगी है.

अनजान मैसेज आने पर मिलेगा सेफ्टी अलर्ट

WhatsApp ने आश्वस्त किया है कि जब भी यह फीचर लाइव होगा और आपको किसी अनजान यूजरनेम से पहली बार मैसेज आएगा, तो स्क्रीन पर एक सेफ्टी अलर्ट दिखेगा. इसमें मैसेज भेजने वाले का देश (कंट्री ओरिजिन) और अकाउंट से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां होंगी. इसके साथ ही ब्लॉक और रिपोर्ट करने का विकल्प भी तुरंत सामने रहेगा. कंपनी का कहना है कि यह फीचर इस साल के अंत तक धीरे-धीरे सभी के लिए रोलआउट किया जाएगा.

Bureau Report

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