गौरैयों के लिए बना दी पूरी हवेली! आज इस घर में रहते हैं 2000 से ज्यादा पक्षी, चहचहाहट सुन खुश हो जाएगा दिल

गौरैयों के लिए बना दी पूरी हवेली! आज इस घर में रहते हैं 2000 से ज्यादा पक्षी, चहचहाहट सुन खुश हो जाएगा दिल

एक समय था जब सुबह आंख खुलते ही घर के बाहर गौरैया की आवाज सुनाई देती थी. आंगन, छत और खिड़कियों के पास इन छोटी-छोटी चिड़ियों का आना आम बात थी. लोग इन्हें अपने घर का हिस्सा मानते थे. लेकिन बदलते समय, बढ़ते प्रदूषण और आधुनिक घरों के डिजाइन की वजह से गौरैया धीरे-धीरे हमारी जिंदगी से दूर होती चली गई.

आज हालात ऐसे हैं कि कई शहरों में गौरैया को देखना भी मुश्किल हो गया है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इन मासूम चिड़ियों को बचाने के लिए अपनी तरफ से कोशिश कर रहे हैं. मुरादाबाद की यह हवेली इसी कोशिश की एक खूबसूरत मिसाल बन गई है. सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो इस समय तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे एक परिवार ने गौरैया को बचाने का प्रयास किया है.

कैसे बनी गौरैया की हवेली?

मुरादाबाद में रहने वाले इस परिवार ने गौरैया की घटती संख्या को देखते हुए अपने घर को ही इनके लिए सुरक्षित जगह बनाने का फैसला किया. उन्होंने अपनी पुरानी हवेली को इस तरह बदल दिया कि वहां ज्यादा से ज्यादा चिड़ियां आसानी से रह सकें. घर में कई ऐसी चीजों को हटा दिया गया, जो गौरैयों के लिए खतरा बन सकती थीं. हवेली से पंखे हटा दिए गए, जिससे चिड़ियों को चोट न लगे.

परिवार ने बताया कि पहले घर में एसी लगा हुआ था, लेकिन एक बार एक गौरैया एसी के वेंट में फंस गई और उसकी मौत हो गई. इसके बाद उन्होंने एसी हटवा दिया और अब घर में सिर्फ कूलर लगाए गए हैं, जिन पर सुरक्षा के लिए जाली लगाई गई है. इसके अलावा घर की खिड़कियों, दीवारों और छत के कोनों में खास जगह बनाई गई, ताकि गौरैया वहां अपना घोंसला बना सकें. उनके लिए पानी और दाना रखने की भी पूरी व्यवस्था की गई है.

घर के सदस्य और गौरैया साथ-साथ रहते हैं

इस हवेली की सबसे खास बात यह है कि यहां रहने वाले लोग अब गौरैयों के साथ तालमेल बनाकर रहते हैं. घर में चिड़ियों की आवाजाही को परेशानी नहीं माना जाता, बल्कि परिवार इसे खुशी का हिस्सा मानता है. सुबह होते ही हजारों गौरैयों की चहचहाहट से पूरा घर भर जाता है. दिनभर ये चिड़ियां यहां उड़ती रहती हैं और शाम होते ही अपने घोंसलों में लौट जाती हैं. परिवार का कहना है कि शुरुआत में यह थोड़ा अलग अनुभव था, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इसकी आदत हो गई. अब ये गौरैया उनके घर का हिस्सा बन चुकी हैं.

2000 से ज्यादा गौरैयों का बना ठिकाना

आज इस हवेली में 2000 से ज्यादा गौरैया रहती हैं. सोशल मीडिया पर इस अनोखी हवेली का वीडियो वायरल होने के बाद लोग इसे देखने के लिए पहुंच रहे हैं. लोग यहां आकर तस्वीरें खींचते हैं और परिवार की इस पहल की तारीफ करते हैं. कई लोग इसे प्रकृति को बचाने की शानदार कोशिश बता रहे हैं. सोशल मीडिया यूजर्स भी इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कई लोगों ने लिखा कि अगर हर घर थोड़ा-सा प्रयास करे, तो गौरैया को वापस लाया जा सकता है.

क्यों कम हो रही है गौरैया की संख्या?

गौरैया की संख्या कम होने के पीछे कई वजहें बताई जाती हैं. बढ़ते शहरीकरण की वजह से इनके घोंसले बनाने की जगह कम हो गई है. पहले घरों में छोटे-छोटे कोने और खुली जगह होती थी, जहां ये आसानी से रह लेती थीं. इसके अलावा प्रदूषण, पेड़ों की कमी और बदलता पर्यावरण भी इनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है. मोबाइल टावर और मॉडर्न जीवनशैली को भी गौरैया की घटती संख्या से जोड़कर देखा जाता है.

छोटी कोशिश से बदल सकती है तस्वीर

मुरादाबाद की यह हवेली दिखाती है कि अगर इंसान चाहे तो प्रकृति के साथ मिलकर रह सकता है. गौरैया जैसी छोटी चिड़ियों के लिए सिर्फ थोड़ी-सी जगह, पानी और दाने की जरूरत होती है. यह पहल सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि एक संदेश भी है कि छोटे-छोटे कदम बड़ा बदलाव ला सकते हैं. अगर हर शहर और हर घर में ऐसी कोशिशें होने लगें, तो शायद आने वाले समय में गौरैया फिर से हमारे आंगनों और छतों पर नजर आने लगेगी.

Bureau Report

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