दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे, वाराणसी 4 और पटना 5 घंटे में, दो घंटे में पहुंचेंगे अमृतसर; क्‍या है सरकार की प्‍लानिंग

दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे, वाराणसी 4 और पटना 5 घंटे में, दो घंटे में पहुंचेंगे अमृतसर; क्‍या है सरकार की प्‍लानिंग

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब केंद्र दिल्ली-एनसीआर को देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का सबसे बड़ा हब बनाने की तैयारी में जुट गई है. इसके तहत दिल्ली से शुरू होने वाले चार अलग-अलग बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का खाका तैयार किया जा रहा है. इन योजनाओं में सबसे बड़ा और अहम प्रस्ताव द‍िल्‍ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर का है. केंद्रीय बजट में सरकार की तरफ से सात प्रमुख हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी रूट को अहम‍ियत दी गई है. इन रूट पर सरकार करीब 2 लाख करोड़ का भारी निवेश करने जा रही है.

प्रस्तावित दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के जरिये यूपी के प्रमुख धार्मिक, राजनीतिक और इंडस्‍ट्र‍ियल हब को आपस में जोड़ने की तैयारी है. यह मॉर्डन रूट दिल्ली से शुरू होकर नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और न्यू भदोही होते हुए सीधे वाराणसी पहुंचेगी. इस रूट के अलावा, लखनऊ को सीधे अयोध्या से जोड़ने के लिए भी 124 से 135 किमी लंबा अलग हाई-स्पीड लिंक बनाने का प्‍लान है.

स‍िल‍िगुड़ी रूट पर कुल 13 से 15 स्टेशन बनेंगे

यह कॉरिडोर करीब 813 से 865 किमी लंबा होने की उम्मीद है. इस पर कुल 13 से 15 स्टेशन बनाए जा सकते हैं. इस रूट पर बुलेट ट्रेनें 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी. इससे दिल्ली से लखनऊ का सफर महज 2 घंटे 10 मिनट और दिल्ली से वाराणसी का सफर 3 घंटे 50 मिनट का रह जाएगा. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इस बड़े प्रोजेक्ट के सिविल स्ट्रक्चर डिजाइन के काम के लिए टेंडर जारी कर द‍िये हैं.

देश का सबसे लंबा बुलेट ट्रेन रूट

दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर देश का सबसे लंबा हाई-स्पीड रेल रूट बनने जा रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार पहले से तय दिल्ली-वाराणसी लाइन को आगे बढ़ाते हुए सिलीगुड़ी तक ले जाया जाएगा. इस कॉरिडोर को दिल्ली, नोएडा, मथुरा, आगरा, लखनऊ और वाराणसी से आगे बढ़ते हुए बिहार के बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार और वेस्‍ट बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) से होकर गुजरेगा. 1705 किमी लंबे इस रूट के शुरू होने के बाद दिल्ली और सिलीगुड़ी का छह घंटे में पूरा हो जाएगा.

दिल्ली से मुंबई का सफर होगा आसान

दूसरा प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली को राजस्थान और गुजरात के रास्ते जयपुर, उदयपुर और अहमदाबाद से जोड़ेगा. इसके जुड़ने के बाद यात्री दिल्ली से सीधे मुंबई तक बिना किसी रुकावट के हाई-स्पीड ट्रेन का सफर कर सकेंगे. इस रूट पर द्वारका, बिजवासन, गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, बहरोड़ (नीमराना), शाहपुरा, जयपुर, किशनगढ़ (अजमेर), बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, हिम्मतनगर और साबरमती (अहमदाबाद) जैसे स्टेशन शामिल करने का प्रस्ताव है.

माता वैष्णो देवी के दर्शन होंगे आसान

धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से बेहद खास दिल्ली-अमृतसर कॉरिडोर रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और जालंधर से होते हुए अमृतसर पहुंचेगा. आने वाले समय में इस रूट को जालंधर से पठानकोट होते हुए सीधे जम्मू और कटरा तक विस्तार देने की योजना है. इससे वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को भी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का फायदा म‍िल सकेगा. इससे दिल्ली और अमृतसर के बीच की दूरी घटकर दो घंटे रह जाएगी.

देश के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद रूट के पहले फेज पर साल 2027 तक परिचालन शुरू होने की उम्मीद है. पूरे मुंबई -अहमदाबाद कॉरिडोर को 2029 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. दिल्ली से शुरू होने वाले चारों प्रस्तावित कॉरिडोर अभी तक सर्वे या मंजूरी के अलग-अलग लेव पर हैं.


Bureau Report

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