आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर फैसला शुक्रवार को फिर टल गया. दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट आईआरसीटीसी घोटाला मामले में सुनवाई कर रही है. शुक्रवार (31 जुलाई, 2026) को अदालत को लालू परिवार पर आरोप तय करने के संबंध में फैसला देना था. हालांकि, इसे 14 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया है. इससे पहले, 16 जून को अदालत ने मामले में 31 जुलाई तक के लिए आरोप तय करने पर टाल दिया था.
2004 से 2009 के बीच का मामला
इस मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव सहित कई अन्य लोग आरोपी हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब आईआरसीटीसी के होटलों के संचालन के लिए दिए गए ठेकों में अनियमितताएं की गईं. जांच एजेंसी ने दावा किया कि होटलों के रखरखाव का ठेका तय नियमों और प्रक्रिया का पालन किए बिना राजद प्रमुख के करीबी सहयोगियों से जुड़ी एक निजी कंपनी को दिया गया था. अभियोजन पक्ष का यह भी आरोप है कि इन ठेकों के बदले में लालू प्रसाद यादव के परिवार और उनके सहयोगियों से जुड़ी एक बेनामी कंपनी के माध्यम से करीब तीन एकड़ कीमती जमीन हासिल की गई.
लालू परिवार ने आरोपों से किया इनकार
हालांकि, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने लगातार इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि आईआरसीटीसी होटलों के लिए टेंडर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दिए गए थे. बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट में भी लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की ओर से दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें उसी कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है.
Bureau Report
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