NMC ने बढ़ा दी MBBS सीटें, NEET उम्मीदवारों को क्या इससे हो सकेगा फायदा? समझिए सीटों को लेकर पूरी कैलकुलेशन

NMC ने बढ़ा दी MBBS सीटें, NEET उम्मीदवारों को क्या इससे हो सकेगा फायदा? समझिए सीटों को लेकर पूरी कैलकुलेशन

हर साल लाखों उम्मीदवार डॉक्टर बनने के सपने के साथ नीट परीक्षा में शामिल होते हैं और दिन-रात की मेहनत के साथ अपना ये सपना सच करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अंत में मुकाबला महज कुछ अंकों का रह जाता है. अगर आपसे कहा जाए कि इस बार आपके सिलेक्शन की राह थोड़ी आसान होने वाली है, तो? दरअसल, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मेडिकल छात्रों के लिए सीटों की संख्या बढ़ा दी है. भारत में MBBS सीटों की संख्या में करीब 10 हजार की बढ़ोतरी की गई है.

क्या ये बढ़ोतरी हर छात्र के काम आएगी या इसका फायदा सिर्फ कुछ राज्यों तक सीमित रहेगा? मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को कैसे लाभ मिल सकेगा? आइए सीटों में बढ़ोतरी होने के बाद कैसे नीट उम्मीदवारों को फायदा हो सकता है, जानते हैं.

हो सकेगा डॉक्टर बनने का सपना सच

नीट उम्मीदवार परीक्षा में अगर सफल हो जाते हैं तो उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट हासिल करने की हो जाती है. एनएमसी ने MBBS की 9,911 नई सीटें जोड़ दी हैं जिसके बाद भारत में एमबीबीएस की कुल सीटें 1,36,939 हो गई हैं. राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (INIs) को इसमें शामिल नहीं किया गया है लेकिन अन्य 823 मेडिकल कॉलेजों में ये सीटें शामिल की गई हैं. 

क्या MBBS सीटें बढ़ने से NEET उम्मीदवारों को फायदा हो सकेगा?

21 जून 2026 को आयोजित नीट यूजी री-एग्जाम में शामिल उम्मीदवारों को क्या एमबीबीएस सीटें बढ़ने से फायदा हो सकेगा? अगर ये सवाल आपका भी है तो इसका जवाब हां है. दरअसल, NMC ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए MBBS सीटें बढ़ा दी हैं. ऐसे में भारत में कुल 823 मेडिकल कॉलेजों में 1,36,939 सीटें उपलब्ध होंगी. पहले से 1,27,028 सीटें उपलब्ध हैं और इस साल से 9,911 नई सीटें भी जोड़ी गई हैं. 

वहीं, अगर 25 कॉलेजों को मंजूरी मिल जाती है तो नीट उम्मीदवारों के लिए मेडिकल कॉलेज की संख्या अधिक हो सकती है और उनके पास ऑप्शन के साथ सीटें भी उपलब्ध होंगी. 25 मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिल जाती है तो 2400 अतिरिक्त सीटें शामिल हो जाएंगी. 

कब आएगा नीट री-एग्जाम का रिजल्ट?

ऐसी उम्मीद की जा रही है कि 21 जून को आयोजित नीट यूजी री-एग्जाम का रिजल्ट 20 जुलाई 2026 तक आ सकता है. इससे पहले अगर 25 नए कॉलेजों को मंजूरी मिलती है तो नीट उम्मीदवारों के लिए और ऑप्शन एड हो जाएंगे. ऐसे में उम्मीदवारों के लिए एमबीबीएस की सीट हासिल करना मुमकिन हो सकेगा. सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के अवसर जरूर बढ़ेंगे लेकिन कटऑफ, NEET रैंक, काउंसलिंग प्रक्रिया समेत सीटों की उपलब्धता के आधार पर ही मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल सकेगा.

Bureau Report

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