उज्जैन: हरसिद्धि चौराहे पर बैरिकेड टूटा, फिर अचानक मच गई भगदड़; 7-8 घंटे लाइन में खड़े पीड़ित ने सुनाई आपबीती

उज्जैन: हरसिद्धि चौराहे पर बैरिकेड टूटा, फिर अचानक मच गई भगदड़; 7-8 घंटे लाइन में खड़े पीड़ित ने सुनाई आपबीती

7-8 घंटे से लाइन में लगा था और जब हरसिद्धि चौराहे पर पहुंचा, तब आरती का समय हो गया और 2 घंटे तक वहीं खड़े रहना पड़ा. इसके बाद अचानक बैरिकेड्स खोल दिए गए और भगदड़ मच गई. टेंट गिर गया और सारे बैरिकेड्स भी गिर गए… महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु ने ये बात बताई है, जो उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में हरसिद्धि चौराहे पर भगदड़ में घायल हुए हैं. बता दें कि महाकालेश्वर नाथ चंद्रेश्वर मंदिर में भक्तों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बनने से कुछ लोग घायल हो गए.

सावन का तीसरा सोमवार और नागपंचमी की वजह से महाकाल मंदिर में भारी भीड़ पहुंची है और फिर अचानक अफरा-तफरी मच गई. नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच करंट फैलने की अफवाह फैल गई, जिसके बाद भगदड़ हो गई. हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास बैरिकेडिंग के भीतर डीपी के समीप करंट की बात फैली थी. इस दौरान कुछ श्रद्धालु घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.

7-8 घंटे लाइन में खड़े पीड़ितों ने सुनाई आपबीती

घायल सागर बताते हैं, ‘मैं महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगा था. 7-8 घंटे बाद मैं हरसिद्धि चौराहे पर पहुंचा. हम वहां 2 घंटे तक खड़े रहे. भीड़ बढ़ती जा रही थी और आरती का समय होने के कारण हमें वहीं रोक दिया गया. अचानक बैरिकेड्स खोल दिए गए और भगदड़ मच गई. टेंट गिर गया और सारे बैरिकेड्स भी गिर गए. मेरे दोनों पैर बैरिकेड के नीचे दब गए. मेरे एक पैर में फ्रैक्चर हो गया है. मंदिर में इंतजाम बहुत खराब थे. किसी ने मेरी मदद नहीं की. सिर्फ एक आदमी ने आकर मेरी मदद की, वह मुझे हेल्थ कैंप तक ले गया, जहां से मुझे एम्बुलेंस में ले जाया गया.’

बैरिकेड के नीचे दब गए: पीड़ित की मां

हादसे में घायल एक व्यक्ति की मां मीनू ने बताया, ‘यह घटना हरसिद्धि चौराहे पर हुई. वह नाथ चंद्रेश्वर मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी बैरिकेड के नीचे दब गए. वहां भगदड़ मच गई थी. किसी ने उनकी मदद नहीं की. बस एक व्यक्ति उन्हें यहां लेकर आया.’

नागचन्द्रेश्वर मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़

उज्जैन में नागचन्द्रेश्वर का ऐसा मंदिर है, जो नाग पंचमी के मौके पर खुलता है और यहां देश भर के श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं. सावन का सोमवार है और नाग पंचमी का पर्व है इस मौके पर शिवजी के साथ नाग देवता की भी आराधना करने में लोग जुड़े हुए हैं . तमाम देवालयों में सुबह से ही अनुष्ठानों का दौर जारी है और श्रद्धालु बम भोले के जय घोष के साथ पूजा अर्चना कर रहे हैं. उज्जैन में नागचंद्रेश्वर का एक ऐसा मंदिर है जो नाग पंचमी के मौके पर 24 घंटे के लिए श्रद्धालुओं के लिए खुलता है. रविवार की रात को 12 बजे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना हुई और श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए कपाट खोल दिए गए. यह मंदिर 364 दिन बंद रहता है और सिर्फ नाग पंचमी के दिन खुलता है. मान्यता है कि नागराज तक्षक ने भगवान शिव से एकांत और निर्बाध साधना की इच्छा जताई थी. इसी कारण नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट वर्षभर बंद रखने की परंपरा चली आ रही है.

परंपरानुसार रविवार की रात को 12 बजे सबसे पहले श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से महंत विनीत गिरि महाराज ने मंदिर के द्वार खोले. इसके बाद नागचन्द्रेश्वर मंदिर की दुर्लभ प्रतिमा के पास पहुंचे, जहां भगवान का विशेष पूजन अर्चन कर त्रिकाल पूजा की शुरुआत की गई. नागचंद्रेश्वर का मंदिर महाकाल मंदिर की तीसरी खंड पर स्थित है .यह प्रतिमा अपनी दुर्लभ कलात्मक शैली और धार्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. यहां विराजित प्रतिमा को करीब 11वीं शताब्दी यानी 1050 ईस्वी का माना जाता है. यहां शिवजी की अद्भुत प्रतिमा है जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती सात फनों वाले नाग के छत्र के नीचे विराजमान हैं. शिव के गले और भुजाओं में नाग लिपटे हुए दिखाई देते हैं. साथ ही, भगवान गणेश, नंदी और सिंह की आकृतियां भी हैं. नागचन्द्रेश्वर मंदिर में दर्शन करने हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं, लंबी कतारे लगी हुई हैं. इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी तरह की असुविधा न हो.

Bureau Report

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