बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान होने वाला है. बांकीपुर और दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद नितिन नवीन के चुनावी कौशल पर पहला डेंट लगा था. जनवरी में नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने के साथ ही उनकी नई टीम आने की चर्चा शुरू हो गई थी, लेकिन नई टीम का चुनाव करते-करते अगस्त का महीना आ गया. नई टीम में कौन-कौन होगा. इसकी आधिकारिक पुष्टि तो भारतीय जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चलेगा. उसके पहले आइए नजर डालते हैं, उन संभावनाओं पर जिनकी वजह से नई टीम अस्तित्व में आने वाली है.
33 फीसदी पद महिलाओं के लिए
नई टीम में यूपी, यूथ और महिलाओं को तरजीह मिलने का दावा किया जा रहा था. उसमें सभी राज्यों और अलग-अलग जातीय समूहों को भी भागीदारी देने पर जोर दिया गया. बीजेपी संविधान में किए गए संशोधन के अनुसार 33 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं. इसका मतलब है कि कुल 38 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में से कम से कम 13 महिलाएं होंगी. इसी तरह पार्टी संविधान के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रत्येक वर्ग में से कम से कम तीन पदाधिकारी होना जरूरी होता है. इसलिए ये क्लाज भी नितिन नवीन की नई टीम में होना तय है.
इसी तरह सूत्रों के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक युवाओं को ध्यान में रखते हुए युवा नेताओं का नितिन नवीन की टीम में प्रतिनिधित्व बढ़ाया गया है. इसके साथ 2027 के सात चुनावी राज्यों जैसे- उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात के नेताओं को भी इस टीम में जगह मिलने की बात कही गई है. नई टीम के संभावित नाम जो सूत्रों के हवाले से छनकर आ रहे हैं, हम उनके बारे में आपको यहां जानकारी देते जा रहे हैं.
नितिन नवीन चूंकि पार्टी अध्यक्ष बनने से पहले विधायी करियर के साथ-साथ, पार्टी संगठन में अहम भूमिका निभा चुके हैं. उनके पास राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कामों का अच्छा खासा अनुभव है. वो सिक्किम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. इसलिए उनकी खुद की नई टीम पर देशभर के राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें लगी हुई हैं.
नए चेहरों के चयन के संभावित और प्रमुख आधार
- नितिन नवीन की नई टीम में कई तरह के नेताओं का संतुलन देखने को मिलने की बात कही जा रही है.
- युवा नेताओं और बीजेपी नेतृत्व की अगली पीढ़ी को ज्यादा जगह देने की खबरें लगातार आ रही हैं
- दलित और ओबीसी: सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण समुदायों को व्यापक प्रतिनिधित्व दिया जाने की बात कही जा रही थी.
- आदिवासी समुदाय: आदिवासी क्षेत्रों और वहां के नेतृत्व पर ज्यादा ध्यान दिया जाने की खबरें आई थीं.
- प्रोफेशनल्स: डॉक्टर, वकील, शिक्षाविद, उद्यमी और दूसरे पेशेवर लोगों को भी टीम में जगह मिलने का अनुमान लगाया गया था.
- क्षेत्रीय संतुलन: नई टीम में अलग-अलग क्षेत्रों और राज्यों को प्रतिनिधित्व दिये जाने की बात सामने आ रही है.
- जमीनी अनुभव: बूथ, मंडल और जिला स्तर पर संगठन में मजबूत अनुभव रखने वाले नेताओं को प्राथमिकता देने की खबरें थीं.
- चुनावी प्रदर्शन: चुनाव और संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को जगह मिलने का अनुमान लगाया गया था.
- नए चेहरे: अनुभवी नेताओं को बनाए रखते हुए नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव की कोशिश की गई है.
नितिन नवीन की स्पेशल टीम
सूत्रों के हवाले से नितिन नवीन की नई टीम में 41 नाम हैं. इनमें धर्मेंद्र प्रधान, अनुराग ठाकुर, स्मृति ईरानी के नाम तय माने जा रहे हैं. कई महामंत्रियों की छुट्टी होने की बात सूत्रों के हवाले से कही जा रही है. विनोद तावड़े, सुनील बंसल नितिन नवीन की टीम में रहेंगे. स्मृति ईरानी को महामंत्री बनाये जाने की खबर आ रही है. नई टीम में ब्राह्मण चेहरा हरीश द्विवेदी का नाम महामंत्री पद के लिए सामने आ रहा है.
महिला नेतृत्व में और कौन?
- पूनम महाजन.
- सरोज पाण्डेय.
- अलका गुर्जर.
- कमलजीत सहरावत.
दिल्ली से रांची तक के छात्र आंदोलन को देखते हुए बीजेपी की नई टीम में युवा चेहरों को जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही जा रही है. नितिन नवीन खुद 46 साल के हैं, इसलिए उनकी टीम में युवा चेहरों को बड़ी जिम्मेदारियां मिलने के पूरे आसार जताए जा रहे थे. ताकि युवाओं की भावना को सही तरीके से सही समय पर समझकर यूथ-फ्रेंडली रणनीति बनाई जा सके. यूपी में बड़ी तादाद में युवा वोटर्स हैं जो कि चुनाव परिणाम को उलटफेर करने की ताकत रखते हैं.
रिपीट होने वाले ‘पावर प्लेयर्स’!
बीएल संतोष, संगठन महामंत्री, शिवप्रकाश और सौदान सिंह (सह-संगठन मंत्री) और सुनील बंसल, विनोद तावड़े, अरुण सिंह और तरुण चुघ का नाम इस कैटेगिरी में है.
नई टीम का पहला बड़ा चैलेंज
नितिन नवीन की इस नई टीम का सबसे पहला चैलेंज 2027 है. 2027 में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों में चुनाव के बिगुल बजने वाले हैं. ऐसे में चुनावी राज्यों पर सबकी निगाह बनी हुई है.
बीजेपी का संगठनात्मक ढांचा
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हैं. उनके बाद 10 उपाध्यक्ष, 08 महामंत्री, 1 संगठन महामंत्री, दो सह-संगठन मंत्री, 14 मंत्री, एक कोषाध्यक्ष, दो सह-कोषाध्यक्ष , एक मीडिया प्रभारी और दो सह-मीडिया प्रभारी होंगे.
नितिन की ‘नवीन’ BJP
भारतीय जनता पार्टी की वेबसाइट के मुताबिक बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है. जिसका अपना संविधान है. पार्टी का संगठनात्मक ढांचा राष्ट्रीय स्तर से लेकर बूथ स्तर तक हायराकिकल और कैडर-आधारित है. राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद सबसे ऊपर होता है. पार्टी में मार्गदर्शक मंडल से लेकर बूथ प्रमुख और पन्ना प्रमुख तक सबको अहम जिम्मेदारी सौंपी जाती है.
यहां संसदीय बोर्ड से लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की फैसलों में अहम भूमिका होती है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अध्यक्ष के अलावा अधिकतम 120 सदस्य हो सकते हैं. राष्ट्रीय कार्यकारिणी के नीचे प्रदेश बीजेपी के संगठन, उनके प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी काम करती है. बीजेपी में विभिन्न मोर्चे और प्रकोष्ठ भी हैं, जो युवा, महिला, किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वर्गों के बीच संगठन के सेतु का काम करते हैं.
पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की चर्चा करें तो इसमें राज्य परिषदों द्वारा निर्वाचित सदस्य, संसदीय दल के 10 फीसदी सदस्य, पार्टी के सभी पूर्व अध्यक्ष और राज्यों की विधानसभाओं और विधान परिषदों के नेता, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्य, पार्टी के सभी राष्ट्रीय मोर्चों के अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा अधिकतम 20 मनोनीत सदस्य होते हैं.
Bureau Report
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