Crude Oil: तेल फिर करेगा परेशान, 120 डॉलर के पार जाएगा दाम? क्रूड पर गोल्डमैन सैक्स की खतरनाक चेतावनी

Crude Oil: तेल फिर करेगा परेशान, 120 डॉलर के पार जाएगा दाम? क्रूड पर गोल्डमैन सैक्स की खतरनाक चेतावनी

ना तो अमेरिका-ईरान के बीच की जंग खत्म हो रही है और ना ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ रही है. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद से दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते से तेल की सप्लाई ठप है. ग्लोबल ऑयल मार्केट में फिर से कच्चे तेल की कीमत 98 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुकी है. अब इन्वेस्टमेंट फर्म गोल्डमैन सैक्स ने तेल को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है.

तेल को लेकर चेतावनी 

गोल्डमैन सैक्स ने कच्चे तेल की कीमत को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है. फर्म ने अर्लट किया है कि क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है.  जिस तरह से अमेरिका और ईरान होर्मुज में शिपिंग कार्गों पर हमले कर रहे हैं, उन्हें निशाना बना रहे हैं, उसके बाद इस बात का खतरा बढ़ गया है कि ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है.बैंक ने कहा कि शिपिंग में रुकावट का जोखिम बढ़ना ऊर्जा बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है.

बैंकिंग और इन्वेस्टमेंट फर्म गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि अगर वेस्ट एशिया में जहाजों पर हमले बढ़ते हैं, होर्मुज से शिपिंग में रुकावट बढ़ती है, तो कच्चे तेल की सप्लाई का संकट बढ़ेगा. सप्लाई संकट तेल के दाम को बढ़ाएगा और कीमत एक बार फिर से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है.

78 डॉलर तक गिर चुकी थी कीमत, फिर क्रूड ने लिया यूटर्न

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए कई दौर की बैठके हुए. कभी पाकिस्तान ने तो कभी ओमान, कतर जैसे गल्फ देशों ने मीडिएटर की भूमिका निभाई. समझौते के करीब पहुंचने पर ग्लोबल ऑयल मार्केट शांत भी हुआ. जुलाई मध्य में कई बार ऐसे मौके आए, जब लगा कि दोनों देशों के बीच सीजफायर समझौता हो जाएगा और तेल की कीमत 76-78 डॉलर तक पहुंच गई, लेकिन ये उम्मीद कभी पूरी नहीं हो सकी.  ना तो समझौता हुआ और ना ही युद्ध रुका. अब  तेल की कीमत फिर से अपने ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड की ओर तेजी से बढ़ रही है. हालिया हमलों में अमेरिका और ईरान ने कार्गों और टैंकरों को निशाना बनाया है, जिसके बाद तेहरान ने इस जलमार्ग के बाहर एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया और इस इलाके से जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया है. 

अगर आई शांति , तो 80 डॉलर पर बिकेगा तेल  

गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में ये भी उम्मीद जताई है कि अगर अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध खत्म हो जाता है, तो कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट आ सकती है. होर्मुज के इलाके से तेल निर्यात सामान्य होने पर क्रूड ऑयल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल तक रह सकती है. गोल्डमैन सैक्स ने चीन को क्रूड ऑयल बाजार का सबसे बड़ा खिलाड़ी माना है.फर्म ने माना है कि चीन तेल के बाजार में स्थिरता लाने वाली ताकत के रूप में काम करता है.

तेल के बाजार का बड़ा खिलाड़ी है चीन  

गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीन जिस तरह से तेल पर अपनी रणनीति बनाए हुए हैं,वो तेल के बाजार को नियंत्रित करता है. तेल की कीमतें बढ़ने पर चीन अपने आयात को नियंत्रित कर लेता है और दाम घटने पर आयात बढ़ा देता है. भारत के लिए कच्चे तेल के बाजार में इस तरह की अस्थिरता अच्छे संकेत नहीं है, क्योंकि भारत ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है.  

Bureau Report

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