महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार (30 जुलाई) की देर रात एक बड़ा हादसा हो गया. यहां ‘कोहिनूर’ नाम की चार मंजिला रिहायशी इमारत अचानक ढह गई. देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई, जिससे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग मलबे में फंसे हुए बताए जा रहे हैं. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है.
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के समय इमारत में कुछ लोग मौजूद थे. आशंका जताई जा रही है कि 8 से 10 लोग मलबे में दबे हो सकते हैं. सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), भिवंडी पुलिस, दमकल विभाग और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंच गईं. सभी एजेंसियां मिलकर राहत कार्य में जुटी हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने से कुछ देर पहले असामान्य आवाजें और हलचल महसूस हुई थी. खतरे का अंदेशा होते ही कई परिवार समय रहते बाहर निकल आए, जिससे संभावित बड़ा जानी नुकसान टल गया. हालांकि, आशंका है कि पहली मंजिल पर मौजूद कुछ लोग और मरम्मत में लगे मजदूर बाहर नहीं निकल सके.
भारी मशीनों से हटाया जा रहा मलबा
रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए पोकलेन मशीनों समेत आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है. बचाव दल सावधानी के साथ मलबा हटा रहा है ताकि यदि कोई व्यक्ति अंदर फंसा हो तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद हैं और लगातार राहत कार्य पर नजर बनाए हुए हैं.
मरम्मत के दौरान टूटे थे तीन पिलर
हादसे के बाद आसपास रहने वाले लोगों ने दावा किया कि यह इमारत काफी पुरानी थी और पिछले कुछ दिनों से इसकी मरम्मत चल रही थी. उनका आरोप है कि मरम्मत के दौरान ठेकेदार और मजदूरों ने इमारत के तीन पिलर हटा दिए थे. स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे इमारत की संरचना कमजोर हो गई और आखिरकार वह अपना संतुलन खो बैठी. हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है.
मलबे में दबे लोगों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
जिला प्रशासन ने कहा है कि राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है. बचाव दल का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने पर है. साथ ही हादसे के कारणों की भी जांच शुरू कर दी गई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं और राहत कार्य में सहयोग करें.
Bureau Report
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